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डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: “वर्ल्ड वॉर 3 दूर नहीं, लेकिन मैं इसे रोकूंगा”

Anoop singh

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को FII Priority Summit में बोलते हुए विश्व युद्ध 3 (World War III) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन जारी रहता, तो दुनिया पहले ही युद्ध में प्रवेश कर चुकी होती।

ट्रंप की चेतावनी: “वर्ल्ड वॉर 3 दूर नहीं”

मियामी में हुए सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा, “तीसरा विश्व युद्ध अब ज्यादा दूर नहीं है, मैं आपको अभी बता सकता हूं। अगर यह प्रशासन (बाइडेन सरकार) एक और साल के लिए चलता, तो आप वर्ल्ड वॉर 3 में होते। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।”

उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए विश्व युद्ध से कोई लाभ नहीं है और यह पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अगर वह फिर से सत्ता में आए, तो इस तरह की स्थिति को रोकने का पूरा प्रयास करेंगे।

युद्ध से दूर रहने की नीति, लेकिन अमेरिकी शक्ति बरकरार रहेगी

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अनावश्यक युद्धों में शामिल नहीं होगा, लेकिन अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिका की ताकत दुनिया में सबसे अधिक होगी। उन्होंने कहा, “हम इन बेवकूफी भरे, खत्म न होने वाले युद्धों को रोकेंगे। हम खुद इसमें शामिल नहीं होंगे, लेकिन हम दुनिया में सबसे ताकतवर रहेंगे। अगर कभी युद्ध की स्थिति बनी, तो कोई भी हमारी शक्ति के करीब नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा।”

राजनीतिक समीकरण और ट्रंप का रुख

ट्रंप पहले भी अमेरिका की युद्ध नीतियों को लेकर मुखर रहे हैं। उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी “अमेरिका फर्स्ट” नीति को प्राथमिकता दी थी और अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे।

उनके इस बयान को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों के तौर पर भी देखा जा रहा है। ट्रंप लगातार अपनी विदेश नीति को लेकर बाइडेन प्रशासन की आलोचना करते आए हैं और यह बयान भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

क्या यह चुनावी रणनीति है?

ट्रंप के इस बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वह सत्ता में होते, तो दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित होती। यह बयान उनके समर्थकों के बीच उनकी लोकप्रियता को बढ़ाने का एक प्रयास भी हो सकता है।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां कुछ विशेषज्ञ इसे एक चुनावी बयानबाजी मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे एक गंभीर चेतावनी के रूप में देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और वैश्विक राजनीति पर इस बयान का क्या प्रभाव पड़ता है।

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