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जन औषधि दिवस 2025: सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का महोत्सव

Anoop singh

भारत सरकार द्वारा सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत 7वां जन औषधि दिवस पूरे देश में 1 मार्च 2025 से 7 मार्च 2025 तक बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस वर्ष का थीम था – “जन औषधि: दाम कम, दवाई उत्तम”, जिसका मुख्य उद्देश्य देशभर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जनता को इसके प्रति जागरूक करना था।

सप्ताह भर चला जन औषधि महोत्सव

इस बार जन औषधि दिवस को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए, इसे पूरा एक सप्ताह तक उत्सव के रूप में मनाया गया। इस दौरान पूरे देश में 350 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें 50,000 से अधिक लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान के तहत 200 से अधिक नए जन औषधि केंद्र खोले गए, जिससे इनकी कुल संख्या 15,291 हो गई।

केंद्रीय मंत्री और गणमान्य लोगों की भागीदारी

जन औषधि दिवस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पार्षदों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर में जन औषधि केंद्र का दौरा किया और वहां के लाभार्थियों से मुलाकात की। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री, श्रीमती रेखा गुप्ता ने राजधानी के अशोक विहार स्थित एक जन औषधि केंद्र का दौरा किया और इस योजना की सराहना की।

समुद्र तट पर रेत कला द्वारा संदेश

जन औषधि दिवस की महत्ता को दर्शाने के लिए प्रसिद्ध रेत कलाकार पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने पुरी के नीलाद्री समुद्र तट पर ‘दाम कम, दवाई उत्तम’ थीम पर एक शानदार रेत कला बनाई। यह कला न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थी, बल्कि प्रधानमंत्री के ‘सबको सस्ती दवा’ के दृष्टिकोण को भी प्रतिबिंबित कर रही थी।

जन औषधि सप्ताह: गतिविधियों की झलक

1 मार्च 2025 – जन औषधि जन चेतना अभियान

जन औषधि दिवस का शुभारंभ देशभर में जन औषधि जन चेतना अभियान के साथ हुआ, जिसमें जन जागरूकता रथ यात्राएं, पदयात्राएं और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया।

2 मार्च 2025 – हेरिटेज वॉक

जन औषधि विरासत के साथ” थीम के तहत हौज खास (दिल्ली), ग्वालियर किला, ताज महल, इमामबाड़ा (लखनऊ) सहित 25 ऐतिहासिक स्थलों पर हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।

3 मार्च 2025 – जन औषधि बाल मित्र कार्यक्रम

इस दिन देशभर के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां बच्चों को जन औषधि परियोजना के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया गया।

4 मार्च 2025 – महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम

महिलाओं के लिए “एक कदम मातृ शक्ति की ओर” पहल के तहत महिला जन प्रतिनिधियों, महिला डॉक्टरों और एनजीओ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद आयोजित किया गया।

5 मार्च 2025 – फार्मासिस्ट जागरूकता सेमिनार

देशभर के फार्मेसी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जहां फार्मेसी छात्रों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।

6 मार्च 2025 – ‘आओ जन औषधि मित्र बनें’ अभियान

इस दिन नागरिकों को ‘जन औषधि मित्र’ के रूप में स्वयंसेवक बनने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, दिल्ली का कुतुब मीनार भी जन औषधि योजना के संदेश को उजागर करने के लिए खूबसूरत रोशनी से सजाया गया।

7 मार्च 2025 – जन औषधि दिवस का समापन समारोह

सप्ताह भर चले इस महोत्सव का समापन 7 मार्च को हुआ, जिसमें पूरे देश में 100 से अधिक प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान 1.12 करोड़ से अधिक डिजिटल संदेश भेजे गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचे।

जन औषधि परियोजना: एक क्रांतिकारी पहल

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) का उद्देश्य सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं को आम जनता तक पहुंचाना है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो महंगी दवाओं का खर्च नहीं उठा सकते।

जन औषधि केंद्रों के प्रमुख लाभ:

  1. किफायती दवाएं: ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50-90% तक सस्ती
  2. गुणवत्ता सुनिश्चित: सभी दवाएं WHO-GMP प्रमाणित कंपनियों से आती हैं।
  3. रोजगार के अवसर: नए जन औषधि केंद्र खोलने पर आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
  4. रोगियों की बचत: अब तक देशभर में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो चुकी है।

निष्कर्ष

7वां जन औषधि दिवस 2025 भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सस्ती, गुणवत्तापूर्ण दवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस आयोजन ने न केवल लोगों को जेनेरिक दवाओं के महत्व से अवगत कराया, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार भी किया।

इस महोत्सव के सफल आयोजन से यह स्पष्ट हो गया कि सरकार की जन औषधि परियोजना लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और भविष्य में यह पहल और भी अधिक प्रभावशाली साबित होगी।

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