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भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज 2025: प्लास्टिक फॉर चेंज बना विजेता, 10 करोड़ रुपये तक की फंडिंग प्राप्त करने का अवसर

Anoop singh

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2025 – भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने स्टार्टअप इंडिया और प्रमुख वेंचर डेट फंड स्ट्राइड वेंचर्स के साथ मिलकर भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज 2025 के विजेता की घोषणा की है। इस प्रतिष्ठित चैलेंज का विजेता बना है “प्लास्टिक फॉर चेंज रिसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड”, जिसे 10 करोड़ रुपये तक की संभावित फंडिंग और व्यापक इकोसिस्टम समर्थन दिया जाएगा।

यह प्रतियोगिता देशभर में स्थिरता, फिनटेक और ई-मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे उच्च-प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और उन्हें वैश्विक मंच पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। 30 दिनों की चयन प्रक्रिया के दौरान देश के 22 राज्यों से 120 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया, जिसमें से “प्लास्टिक फॉर चेंज” ने अपनी अनूठी और प्रभावशाली पहल के कारण शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

प्लास्टिक फॉर चेंज की विशेषता

2015 में स्थापित, यह स्टार्टअप फेयर ट्रेड सत्यापित पुनर्चक्रण प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम करता है। कंपनी का मुख्य फोकस है प्लास्टिक कचरे की नैतिक सोर्सिंग और एकत्रीकरण, जिसके माध्यम से यह उच्च गुणवत्ता की पुनर्चक्रित प्लास्टिक सामग्री जैसे RPET, RHDPE और RPP तैयार करता है। वर्तमान में, यह स्टार्टअप 20,000 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे की संग्रहण क्षमता रखता है और देशभर के अनौपचारिक अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

स्ट्राइड वेंचर्स की भूमिका

स्ट्राइड वेंचर्स भारत का सबसे बड़ा वेंचर डेट फंड है, जिसने पिछले पांच वर्षों में 1 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश 170 से अधिक स्टार्टअप्स में किया है। इसने अब सिंगापुर, अबू धाबी, रियाद और लंदन जैसे वैश्विक शहरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। 2025 की शुरुआत में स्ट्राइड ने डीपीआईआईटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए देश के उभरते स्टार्टअप्स को फंडिंग, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई थी।

ग्रैंड चैलेंज की खास बातें

यह पहली बार था जब स्ट्राइड वेंचर्स ने इस स्तर की स्टार्टअप प्रतियोगिता की मेजबानी की। विजेता स्टार्टअप को 10 करोड़ रुपये तक का संभावित निवेश मिलेगा, जो उचित जांच प्रक्रिया के बाद जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप को मेंटरशिप, नेटवर्किंग के अवसर और वैश्विक स्तर पर विस्तार का समर्थन भी मिलेगा।

निष्कर्ष

भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज 2025 देश में नवाचार और स्थिरता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “प्लास्टिक फॉर चेंज” की सफलता यह दर्शाती है कि पर्यावरण संरक्षण और व्यावसायिक उत्कृष्टता का संतुलन कैसे संभव है। यह पहल आने वाले वर्षों में भारत को एक सस्टेनेबल स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।


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