
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में 23 से 25 अप्रैल, 2025 के बीच वाशिंगटन, डी.सी. में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में भारत के वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक मार्च 2025 में नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय वार्ता का ही अगला चरण थी।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने टैरिफ (शुल्क) और गैर-टैरिफ (गैर-शुल्क) व्यापार बाधाओं समेत विभिन्न विषयों पर गहन और रचनात्मक चर्चा की। वार्ता में यह लक्ष्य तय किया गया कि वर्ष 2025 की शरद ऋतु तक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जाए। इस चरण में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई जहाँ दोनों देशों को त्वरित और समान रूप से लाभ मिल सके।
बैठक में यह भी सहमति बनी कि क्षेत्रवार विशेषज्ञों के साथ वर्चुअल बैठकों का क्रम जारी रहेगा और मई 2025 के अंत से इन बैठकों को प्रत्यक्ष रूप में आयोजित किया जाएगा। इससे विशिष्ट क्षेत्रों में तकनीकी व वाणिज्यिक मुद्दों की बारीकी से समीक्षा संभव हो सकेगी।
इस पहल का मूल उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक गहराई देना, आपूर्ति श्रृंखला के समन्वय को मजबूत करना तथा बहुपक्षीय लाभों को सुनिश्चित करना है। यह प्रयास फरवरी 2025 में दोनों देशों के नेताओं द्वारा दिए गए संयुक्त वक्तव्य के अनुरूप है, जिसमें पारस्परिक सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएं न केवल दोनों देशों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से लाभकारी सिद्ध होंगी, बल्कि वैश्विक व्यापार के संतुलन में भी एक सकारात्मक भूमिका निभाएंगी। इस द्विपक्षीय सहयोग से विशेष रूप से विनिर्माण, डिजिटल व्यापार, कृषि उत्पादों और सेवा क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
इस तरह की नियमित और गहन बैठकों से स्पष्ट होता है कि भारत और अमेरिका वैश्विक साझेदारी को एक सशक्त, टिकाऊ और व्यावहारिक स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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