
भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ और उनकी धर्मपत्नी डॉ. (श्रीमती) सुदेश धनखड़ 5 मई 2025 को कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले और धारवाड़ के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य सिरसी स्थित वानिकी महाविद्यालय का निरीक्षण करना और क्षेत्रीय विकास में योगदान देने वाली संस्थाओं से संवाद करना है।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा देश में पर्यावरण संरक्षण, वन प्रबंधन और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित है। सिरसी का वानिकी महाविद्यालय न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे दक्षिण भारत में वन विज्ञान और पर्यावरण शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है। इस दौरे से यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार वानिकी और पारिस्थितिकी संबंधी शिक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता मान रही है।
सिरसी का यह इलाका जैव विविधता से भरपूर है और यह वनों की देखरेख, पारंपरिक ज्ञान और अनुसंधान के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है। उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को प्रेरणा मिलेगी तथा सरकार की प्रतिबद्धता को बल मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, उपराष्ट्रपति का यह दौरा कर्नाटक के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करेगा। यह न केवल संस्थान के लिए सम्मान की बात है, बल्कि पूरे क्षेत्र को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम भी है।
इस दौरे की आधिकारिक जानकारी 4 मई 2025 को पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी की गई थी। उपराष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी इस सूचना से स्पष्ट होता है कि भारत सरकार पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर गंभीरता से कार्य कर रही है।
निष्कर्ष:
उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ का सिरसी वानिकी महाविद्यालय का दौरा पर्यावरण संरक्षण, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल है। इससे स्थानीय छात्रों, शिक्षकों और क्षेत्रीय समुदाय को न केवल प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि यह दौरा भारत के सतत विकास के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम भी माना जाएगा।
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