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विंग्स इंडिया 2026: भारतीय विमानन क्षेत्र की वैश्विक उड़ान का अगला अध्याय

Anoop singh

भारत के नागर विमानन मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘विंग्स इंडिया 2026’ का पूर्वावलोकन समारोह 23 मई 2025 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ताज पैलेस होटल में भव्य रूप से संपन्न हुआ। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) का सहयोग सराहनीय रहा। यह आयोजन एशिया के सबसे बड़े नागरिक उड्डयन कार्यक्रम की दिशा में एक अहम कदम है।

भारत की विमानन शक्ति का परिचय

अपने मुख्य संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने बताया कि भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है और निकट भविष्य में यह तीसरा सबसे बड़ा कुल हवाई यात्री बाजार बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना को साकार करने हेतु उड्डयन क्षेत्र में भविष्य की तकनीकों, अंतिम मील कनेक्टिविटी और आधुनिकता पर आधारित सरकार की स्पष्ट रणनीति पर बल दिया।

थीम और उद्देश्य

‘विंग्स इंडिया 2026’ की थीम – “भारतीय विमानन: भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना” – इस आयोजन के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह थीम डिजाइन, नियोजन, विनिर्माण, रखरखाव, समावेशिता, नवाचार और स्थिरता जैसे विमानों से जुड़े सभी पहलुओं को समेटे हुए है। मंत्री नायडू ने इसे एक आयोजन से कहीं अधिक ‘भारत की वैश्विक नेतृत्व की आकांक्षा’ के रूप में परिभाषित किया।

सरकारी और निजी सहयोग का संगम

इस कार्यक्रम में नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल, नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार और फिक्की नागर विमानन समिति के अध्यक्ष श्री रेमी मैलार्ड सहित कई उच्चाधिकारी और उद्योग के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

राज्य मंत्री मोहोल ने भारत की विमानन सफलता की कहानी साझा करते हुए राज्यों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कैसे ‘उड़ान’ योजना के अंतर्गत छोटे और मध्यम शहर अब राष्ट्रीय विमानन नेटवर्क से जुड़ रहे हैं, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को गति मिली है।

भविष्य की दिशा: स्थिरता और नवाचार

नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने भारतीय विमानन के सतत और नवाचार आधारित विकास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर सतत विमानन ईंधन (SAF) के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में बढ़ रहा है। साथ ही, विंग्स इंडिया 2026 ड्रोन, ईवीटीओएल और अन्य उन्नत वायु गतिशीलता तकनीकों को प्रोत्साहित करने का मंच बनेगा।

उद्योग जगत की भागीदारी

फिक्की नागर विमानन समिति के अध्यक्ष एवं एयरबस इंडिया के प्रमुख श्री रेमी मैलार्ड ने भारत की विमानन क्षमता की सराहना करते हुए नवाचार, टिकाऊ विकास और कौशल निर्माण को इस क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बताया।

आगामी कार्यक्रम का महत्व

विंग्स इंडिया 2026 का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2026 तक हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर किया जाएगा। इसमें विश्वभर की प्रमुख एयरलाइंस, विमान निर्माता, राज्य सरकारें, निवेशक, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, एमआरओ एजेंसियां, स्किल डेवलपमेंट संस्थान और वित्तीय निकाय शामिल होंगे। यह भारत को वैश्विक विमानन मानचित्र पर अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

निष्कर्ष

‘विंग्स इंडिया 2026’ सिर्फ एक उद्योग-आधारित आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत की अंतरराष्ट्रीय विमानन नेतृत्व की आकांक्षा की घोषणा है। यह मंच नवाचार, सहयोग, समावेशिता और सतत विकास के माध्यम से भारत को एक वैश्विक उड्डयन महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।


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