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पीडब्ल्यूडी (PwDs) के सशक्तिकरण के लिए एआई: समावेशी तकनीक पर ऐतिहासिक सम्मेलन बेंगलुरु में आज

बेंगलुरु, 30 मई 2025 — दिव्यांगजनों (PwDs) के लिए समावेशी और सुलभ तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा आज बेंगलुरु में एक ऐतिहासिक सम्मेलन “एआई फॉर एम्पावरिंग PwDs” का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) ने सह-आयोजक की भूमिका निभाई।

समावेशन और नवाचार की एक नई सोच

इस सम्मेलन का उद्देश्य है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की ताकत को दिव्यांगजनों की सेवा में लगाना ताकि उनके लिए जीवन को अधिक आत्मनिर्भर, सुलभ और सम्मानजनक बनाया जा सके। यह आयोजन तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, और सामाजिक उद्यमियों को एक मंच पर लाकर सहयोग की एक नई दिशा को जन्म देगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन DEPwD के सचिव श्री राजेश अग्रवाल के प्रेरणादायक भाषण से हुआ। उनके साथ प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. पी.वी.एम. राव (IIT दिल्ली) और प्रो. वेणु गोविंदराजु (यूनिवर्सिटी एट बफ़ेलो, यूएसए) ने भी अपनी विशेषज्ञता साझा की।

प्रमुख लॉन्च: भविष्य की नींव

सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई, जो भविष्य में दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेंगी:

मिशन एआई एक्सेसिबिलिटी: सभी एआई आधारित प्लेटफार्मों में एक्सेसिबिलिटी को मुख्यधारा में लाने की रणनीतिक योजना।

मिशन एआई – असिस्टिव टेक्नोलॉजी फॉर एम्पावरमेंट: सहायक उपकरणों में एआई के व्यापक उपयोग को गति देने की पहल।

नेशनल डिसएबिलिटी सपोर्ट एआई चैटबॉट: एक बुद्धिमान वर्चुअल सहायक जो दिव्यांगजनों को तुरंत मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगा।

यूनिफाइड बेनिफिट्स इंटरफेस (UBI): दिव्यांगजनों के लिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक सरल पहुंच सुनिश्चित करने वाला केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म।

ज्ञान और नवाचार का आदान-प्रदान

इस एक दिवसीय सम्मेलन में कई विषयगत सत्र आयोजित किए गए जिनमें विशेषज्ञों और सामाजिक उद्यमियों ने हिस्सा लिया:

पैनल चर्चा: IIT, AIIMS, OpenAI, CSIO, अनुवादिनी, सर्वम एआई और कार्य इंक जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने समावेशी डिज़ाइन, नैतिक एआई और नीतिगत दिशा पर विचार रखे।

उद्योग सहभागिता: माइक्रोसॉफ्ट, लेनोवो, भाषिणी, स्टैकजेन, एक्विबीइंग फाउंडेशन जैसी कंपनियों ने एआई युक्त सहायक उपकरणों की यात्रा साझा की।

अनुभव साझा करना: स्वर स्मार्ट सॉल्यूशंस के एकांश अग्रवाल, Sunva.AI के गोपीकृष्णन एस., और NCPEDP के अरमान अली जैसे उद्यमियों ने तकनीक से सशक्तिकरण की प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाईं।

तकनीकी प्रदर्शनी: MeitY द्वारा समर्थित इंडिया एआई चैलेंज के स्टार्टअप्स ने नवीन उत्पादों का प्रदर्शन किया। इसमें डॉट इंक (दक्षिण कोरिया), टॉर्चिट, सनबॉट्स, सोहम इनोवेशन लैब्स, इंडिक एआई, ख्याल और बैरियर ब्रेक जैसे नाम शामिल रहे।

संस्कृति और रणनीति का संगम

सम्मेलन के दौरान “मिरैकल्स ऑन व्हील्स” द्वारा एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई, जिसने दिव्यांगजनों की रचनात्मकता और जिजीविषा को मंच पर जीवंत किया। इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि समावेशन केवल तकनीक या इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, यह मानवीय भावना का उत्सव है।

अंत में, एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के बाद श्री राजेश अग्रवाल द्वारा ‘द वे फॉरवर्ड’ शीर्षक से समापन भाषण प्रस्तुत किया गया। इसमें उन्होंने भविष्य के लिए समावेशी एआई विकास और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के नए रास्तों पर प्रकाश डाला।

वास्तविक समावेशन की ओर भारत का संकल्प

“एआई फॉर एम्पावरिंग PwDs” सम्मेलन एक विचार नहीं, एक आंदोलन है। यह संदेश देता है कि जब तकनीक सबके लिए बनाई जाती है, तब वह सभी को सशक्त बनाती है। भारत इस दिशा में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है, जहां हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के तकनीकी लाभ मिले।

यह सम्मेलन न केवल एक आयोजन है, बल्कि यह विश्वास है कि समावेशी तकनीक ही सच्चे लोकतंत्र और समानता की नींव है।

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