
पुलिस ने पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) नामक उग्रवादी संगठन के नाम पर चल रही अवैध वसूली और लूटपाट की गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिन पर संगठन के नाम का दुरुपयोग कर व्यापारियों और आम नागरिकों से जबरन धन वसूली का आरोप है।
पीएलएफआई के नाम पर दहशत फैलाकर वसूली
पुलिस अधीक्षक अनूप बिरथरे के अनुसार, कुछ अपराधी पीएलएफआई संगठन के नाम का इस्तेमाल करके क्षेत्र में दहशत फैला रहे थे। इन अपराधियों का मकसद लोगों से जबरन वसूली करना और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लूटपाट करना था। ये लोग फर्जी पत्रों, धमकी भरे कॉल्स और स्थानीय संपर्कों के जरिए व्यापारियों को डराते थे ताकि वे पैसा देने को मजबूर हो जाएं।
खुफिया सूचना पर आधारित कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व क्षेत्र में पीएलएफआई के नाम पर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसके बाद लातेहार पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और रणनीतिक रूप से छापेमारी की। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपी और पूछताछ
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से कुछ पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके संपर्क में और कौन-कौन लोग हैं और क्या इनकी कोई सीधी संलिप्तता PLFI संगठन से भी है या सिर्फ उसका नाम इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस की अपील और चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि यदि किसी को भी PLFI या किसी अन्य संगठन के नाम पर धमकी या वसूली से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
लातेहार पुलिस की यह कार्रवाई न केवल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी देती है कि अपराध और उग्रवाद के नाम पर अवैध वसूली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कदम से निश्चित रूप से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी।