
मुख्य बिंदु:
1. देवी अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि:
- 300वीं जयंती पर उन्हें स्मरण किया गया।
- उन्हें नारीशक्ति, सुशासन, सांस्कृतिक संरक्षण और समाज सुधार का प्रतीक बताया।
- उन्होंने काशी विश्वनाथ सहित कई मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया।
- महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी, पुनर्विवाह का समर्थन और सेना में महिलाओं की टुकड़ी का उल्लेख किया।
2. महिला सशक्तिकरण पर बल:
- लखपति दीदी, बैंक सखियां, बीमा सखियां, नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों का ज़िक्र।
- 75% मुद्रा योजना लाभार्थी महिलाएं।
- 10 करोड़ महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ीं।
- लखपति दीदी योजना से डेढ़ करोड़ महिलाएं लाभान्वित हुईं।
- महिला वैज्ञानिक, इंजीनियर, स्टार्टअप डायरेक्टर्स और NDA कैडेट्स पर विशेष ज़ोर।
3. महिला नेतृत्व को बढ़ावा:
- पहली महिला रक्षा और वित्त मंत्री।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण सुनिश्चित किया गया।
4. नई टेक्नोलॉजी और अवसर:
- ड्रोन, स्टार्टअप्स, फाइटर पायलट, INS विक्रांत जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका।
- नाविका सागर परिक्रमा की दो महिला अधिकारियों का साहसिक अभियान।
5. राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी:
- BSF की बेटियां सीमाओं पर मुस्तैद।
- ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र – आतंकवाद के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक।
- NDAs से महिला कैडेट्स का पहला बैच।
6. विकास परियोजनाएं:
- इंदौर मेट्रो की शुरुआत।
- दतिया और सतना को हवाई सेवा से जोड़ा जाना।
- जल संरक्षण, कृषि, कुटीर उद्योग को देवी अहिल्या के उदाहरण से जोड़ते हुए।
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