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राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मिजोरम में मादक पदार्थ तस्करी को विफल कर जब्त की 9.72 करोड़ रुपये मूल्य की मेथामफेटामाइन गोलियां

Anoop singh

आइजोल, मिजोरम – 1 जून 2025: भारत सरकार की एजेंसी राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए मिजोरम राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। यह कार्रवाई 30 मई 2025 को मिजोरम के आइजोल-चंफई राजमार्ग (एनएच-6) पर स्थित सेलिंग क्षेत्र में की गई।

डीआरआई अधिकारियों ने एक महिंद्रा एक्सयूवी-500 वाहन की तलाशी के दौरान उसमें छुपाकर रखे गए 9.72 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियां बरामद कीं। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इन गोलियों की कीमत लगभग 9.72 करोड़ रुपये आंकी गई है।

कैसे हुई कार्रवाई:

जांच के दौरान डीआरआई अधिकारियों को वाहन की पिछली सीट के नीचे बने एक छिपे हुए कक्ष (कोटर) में 10 पैकेट बरामद हुए, जिनमें मेथामफेटामाइन की गोलियां छिपाकर रखी गई थीं। इन गोलियों को इस तरह छिपाया गया था कि किसी की नजर न पड़े, लेकिन अधिकारियों की सतर्कता ने इस प्रयास को विफल कर दिया।

बरामद मादक पदार्थों के साथ-साथ प्रयोग में लाया गया वाहन भी जब्त कर लिया गया है। साथ ही एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के तहत कार्रवाई की गई है।

तस्करी का मार्ग:

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह प्रतिबंधित दवा म्यांमार से भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित जोखावथर सेक्टर के माध्यम से मिजोरम में अवैध रूप से लाई गई थी। यह क्षेत्र अक्सर अंतरराष्ट्रीय तस्करों के लिए एक सक्रिय मार्ग रहा है, जिसे डीआरआई लगातार निगरानी में रखता है।

अब तक की उपलब्धि:

डीआरआई द्वारा जनवरी 2025 से अब तक मिजोरम में की गई कार्रवाइयों के तहत 72 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन और हेरोइन जब्त की गई है और 7 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कानून का शिकंजा:

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत दोषियों को 10 साल तक की कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पूरी सख्ती से काम कर रही है।

निष्कर्ष:

डीआरआई की यह कार्रवाई न केवल भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध हैं। भारत सरकार द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ जारी यह लड़ाई, आने वाले समय में और भी प्रभावशाली होती दिखाई दे रही है।


लेखक: PIB रिपोर्ट के आधार पर
दिनांक: 1 जून 2025
स्थान: नई दिल्ली

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