
01 जून 2025 | मेरठ | पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के चौथे दिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण अंचलों में जाकर किसानों से प्रत्यक्ष संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। श्री चौहान ने दबथुवा और जन्गेथी गांव में जाकर किसानों से मुलाकात की और पारंपरिक चारपाई पर बैठकर आत्मीय वातावरण में चर्चा की।
श्री चौहान ने संवाद के दौरान कहा कि “कृषि विकास के लिए हमें वैज्ञानिक सोच और ग्रामीण अनुभव का संतुलन बनाना होगा। यही कारण है कि हम कृषि वैज्ञानिकों की टीम के साथ गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसानों की आय बढ़े, खेती की लागत घटे, उपज के उचित दाम मिलें और किसी भी परिस्थिति में किसानों को घाटा न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का मुख्य उद्देश्य किसानों को नवाचारों, उन्नत तकनीकों और योजनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर हो सकें। श्री चौहान ने चौपाल के माध्यम से किसानों से फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक खेती, और प्राकृतिक कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की।
मंत्री जी ने कहा, “देश तभी समृद्ध होगा जब गांव समृद्ध होंगे और गांव तभी समृद्ध होंगे जब किसान आत्मनिर्भर और जागरूक होंगे। हमारी सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है।”
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। किसानों ने इस संवाद को अत्यंत उपयोगी बताया और उम्मीद जताई कि ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर चलाए जाएंगे।
निष्कर्षतः, ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ न केवल एक सरकारी योजना है, बल्कि यह किसानों को मुख्यधारा में लाने की एक जनभागीदारी आधारित पहल है। श्री शिवराज सिंह चौहान का यह प्रयास ग्रामीण भारत में कृषि के नवजागरण की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।
(रिपोर्ट: पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली)
रिलीज़ आईडी: 2133145