
आज के डिजिटल युग में जहां एक ओर इंटरनेट ने दुनिया को हमारी मुट्ठी में ला दिया है, वहीं दूसरी ओर इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराधी भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। खासकर, विदेशों में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह दिन-ब-दिन सक्रिय होते जा रहे हैं।
लुभावने ऑफर: धोखे की पहली सीढ़ी
“दुबई में 2 लाख रुपये महीने की नौकरी”, “कनाडा में बिना इंटरव्यू के वीजा” या “सिर्फ 5000 रुपये में विदेश भेजने की गारंटी” जैसे झूठे वादे कई लोगों को आकर्षित करते हैं। साइबर अपराधी सोशल मीडिया, फर्जी वेबसाइटों या ईमेल के माध्यम से ऐसे ऑफर भेजते हैं जो असलियत में पूरी तरह से जालसाजी होते हैं।
कैसे करते हैं ठगी?
- फर्जी वेबसाइट और एजेंसी – ठग खुद को किसी बड़ी विदेशी कंपनी या नौकरी दिलाने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि के रूप में पेश करते हैं।
- फर्जी दस्तावेज – नकली वीजा, नियुक्ति पत्र (Offer Letter), या कंपनी के नाम से तैयार किया गया मेल भेजा जाता है।
- पैसों की मांग – वीजा प्रोसेसिंग, मेडिकल, दस्तावेज सत्यापन आदि के नाम पर हजारों रुपये ऐंठे जाते हैं।
- गायब हो जाते हैं – पैसे मिलते ही संपर्क बंद कर देते हैं या वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट हटा देते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- कभी भी बिना पुख्ता जानकारी के पैसे न भेजें।
- सरकारी वेबसाइट या मान्यता प्राप्त एजेंसी से ही जानकारी लें।
- ऑफर लेटर की जांच कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या लिंक्डइन प्रोफाइल से करें।
- विदेश में काम करने के लिए आवश्यक वीजा और परमिट की वैधता की जांच करें।
- लालच में न आएं – ‘जल्दी पैसा’ और ‘आसान काम’ जैसी बातें अक्सर धोखे की निशानी होती हैं।
अगर बन चुके हैं शिकार तो क्या करें?
- तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें।
- साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें।
- संबंधित बैंक या पेमेंट ऐप को सूचित कर ट्रांजैक्शन को फ्रीज कराने की कोशिश करें।
- भविष्य में सतर्क रहने के लिए दूसरों को भी जागरूक करें।
निष्कर्ष:
विदेश में नौकरी पाने की चाह बुरी नहीं है, लेकिन इसके लिए सही रास्ता चुनना बेहद ज़रूरी है। याद रखें, जहां ज्यादा लालच होता है, वहां धोखे का खतरा भी उतना ही बड़ा होता है। इसलिए हर ऑफर की अच्छे से जांच करें, सही स्रोत से जानकारी लें और सतर्क रहें – ताकि सपना साकार हो, ठगी नहीं।