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बेंगलुरु में आरसीबी की विजय परेड में मची भगदड़ पर कोर्ट की सख्ती, राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब, आयोजन पर उठे सवाल

Anoop singh

बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की आईपीएल जीत का जश्न मातम में बदल गया जब चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। 4 मई 2025 को हुए इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में सभी की उम्र 35 वर्ष से कम थी, जिनमें तीन किशोर भी शामिल थे।

इस घटना के बाद अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सी. एम. जोशी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि हादसे से संबंधित पूरी जानकारी एक स्टेटस रिपोर्ट के रूप में अदालत में 10 जून से पहले पेश की जाए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने आयोजन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे खिलाड़ियों को क्यों सम्मानित किया गया जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने पूछा, “एक निजी क्रिकेट लीग की टीम के खिलाड़ियों को सरकारी स्तर पर सम्मानित करने की आवश्यकता किसने तय की और क्यों की गई?”

विजय परेड का आयोजन दो चरणों में हुआ था—पहले विधानसभा परिसर में खिलाड़ियों का सम्मान समारोह हुआ और फिर चिन्नास्वामी स्टेडियम में बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे, जिससे हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ की स्थिति बन गई।

हादसे के बाद विभिन्न संगठनों और नागरिक समाज के लोगों ने आयोजन की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह भी कहा जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न पर्याप्त पुलिस बल था और न ही कोई प्रभावी योजना।

इस घटना ने न केवल राज्य प्रशासन बल्कि खेल आयोजनों से जुड़े प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर भी बहस छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें 10 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार था और क्या कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके।

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