
नई दिल्ली, 6 जून 2025 — प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज देश की युवा शक्ति को भारत की प्रगति और पहचान का आधार बताते हुए उनके अद्वितीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं ने अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और नवाचार के बल पर विश्व स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। बीते 11 वर्षों में युवा सशक्तिकरण के उद्देश्य से की गई सरकारी पहलों ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत का युवा: नवाचार और गतिशीलता का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “भारत के युवाओं ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हमारी युवा शक्ति गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।”
उन्होंने बताया कि चाहे स्टार्टअप हो, विज्ञान, खेल, सामुदायिक सेवा या संस्कृति—हर क्षेत्र में भारतीय युवाओं ने कल्पनातीत कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि इस ऊर्जा और सामर्थ्य के कारण ही भारत निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है।
नीति परिवर्तनों से युवा सशक्तिकरण की दिशा में बदलाव
प्रधानमंत्री ने बीते 11 वर्षों में लागू की गई उन प्रमुख नीतियों का उल्लेख किया जो युवा वर्ग को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हुई हैं:
- स्टार्टअप इंडिया: नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए।
- स्किल इंडिया: युवाओं को व्यावसायिक कौशल से लैस कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने हेतु।
- डिजिटल इंडिया: डिजिटल साक्षरता और तकनीकी पहुंच को व्यापक बनाकर अवसरों को बढ़ाना।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: शिक्षा प्रणाली में सुधार कर छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान, नवाचार और शोध के लिए प्रेरित करना।
इन सभी पहलों का मूल उद्देश्य यही है कि भारत का हर युवा अपने जीवन को बेहतर बनाए और देश को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में ले जाए।
विकसित भारत में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम अपनी युवा शक्ति को हमेशा निखरने के सभी संभव अवसर देंगे। वे विकसित भारत के प्रमुख निर्माता हैं।” उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी युवा वर्ग ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सशक्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
#युवाशक्तिके11वर्ष : 11 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव
इस मौके पर सोशल मीडिया पर हैशटैग #युवाशक्तिके11वर्ष भी ट्रेंड कर रहा है, जिसमें सरकार की पिछले एक दशक की उपलब्धियों और युवा कार्यक्रमों का उल्लेख किया जा रहा है। यह एक प्रेरक अभियान है जो भारत के युवाओं के योगदान को न केवल मान्यता देता है, बल्कि उन्हें प्रेरित भी करता है कि वे और भी ऊँचा सोचें और काम करें।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल न केवल युवाओं को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में अग्रसर करने में उनकी महती भूमिका को भी रेखांकित करती है। यदि युवा वर्ग को सही दिशा और अवसर दिए जाएँ, तो वे किसी भी राष्ट्र के भविष्य को सुनहरा बना सकते हैं — और भारत इस रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।