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आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस: भारत का स्पष्ट और दृढ़ रुख


Anoop singh

भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा और अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। “कड़ा जवाब दिया जाएगा और आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा”—यह वाक्य केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि भारत सरकार की सुरक्षा नीति की बुनियाद है। यह संदेश आतंकवाद फैलाने वाले तत्वों और उन्हें संरक्षण देने वाले नेटवर्क को साफ तौर पर दिया गया है।

आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति

भारत लंबे समय से आतंकवाद का शिकार रहा है—चाहे वह सीमा पार से प्रायोजित हो या घरेलू नेटवर्क द्वारा संचालित। ऐसे में भारत ने “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है, जिसका अर्थ है कि आतंकवादी गतिविधियों के लिए कोई सहानुभूति या नरमी नहीं बरती जाएगी।

सरकार यह मानती है कि आतंकवादी और उन्हें सहायता देने वाले—चाहे वह उन्हें धन, हथियार या शरण प्रदान करें—दोनों समान रूप से अपराधी हैं। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई में कोई भेद नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा का समर्पित दृष्टिकोण

इस नीति के तहत भारतीय सुरक्षाबलों को आतंकवाद से निपटने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। हालिया अभियानों में देखा गया है कि सेना, एनआईए, और अन्य एजेंसियों ने न केवल आतंकियों को निशाना बनाया है, बल्कि उनके स्थानीय सहयोगियों और फंडिंग नेटवर्क को भी ध्वस्त किया है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की सख्ती

भारत केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी20 जैसे मंचों पर भारत ने हमेशा यह मांग की है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में वैधता न दी जाए और उसे समर्थन देने वाले देशों की भी जवाबदेही तय की जाए।

नागरिकों का विश्वास और सहयोग आवश्यक

सरकार की इस नीति की सफलता में नागरिकों की भागीदारी भी अहम है। आतंकवाद की जड़ें समाज में तब फैलती हैं जब लोग चुप रहते हैं या डर के कारण आवाज़ नहीं उठाते। ऐसे में ज़रूरी है कि जनता सतर्क रहे, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करें।


निष्कर्ष: कठोर कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प

भारत की यह नीति कि “आतंकवादियों और उनके अपराधियों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा” केवल एक कथन नहीं, बल्कि आतंकवाद के समूल नाश की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल जवाब नहीं देगा, बल्कि ऐसा जवाब देगा जो आतंक की जड़ों को हिला कर रख देगा।


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