
बिहार पुलिस और हरियाणा पुलिस ने एक बड़ी साइबर अपराध जांच में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से अश्लील वीडियो तैयार कर उन्हें YouTube जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर शेयर कर रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घृणित कृत्य में पुलवामा हमले में शहीद हुए मेजर विनय नरवाल की पत्नी को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने उनकी छवि को AI तकनीक की मदद से विकृत कर एक फर्जी और अश्लील वीडियो तैयार किया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। यह न सिर्फ साइबर अपराध है बल्कि शहीद की गरिमा का भी घोर अपमान है।
आरोपी कौन हैं?
बिहार पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है:
- मोहिहुल हक
- गुलाम जिलानी
दोनों को इस आपराधिक कृत्य में संलिप्त पाए जाने के बाद हरियाणा में दबोचा गया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने वीडियो को प्रसारित करने के लिए एक YouTube चैनल का उपयोग किया, जिसे अब बंद किया जा चुका है।
पुलिस की भूमिका
यह कार्रवाई दोनों राज्यों की साइबर क्राइम यूनिट्स के बेहतरीन समन्वय का परिणाम है। AI से जुड़े अपराधों के खिलाफ यह कदम यह दर्शाता है कि भारतीय पुलिस अब आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए डिजिटल अपराधियों के खिलाफ भी सख्त रवैया अपना रही है।
AI का दुरुपयोग – एक गंभीर चेतावनी
यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकें यदि गलत हाथों में चली जाएं, तो वे कितना गंभीर सामाजिक नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे अपराधों से निपटने के लिए कठोर साइबर कानून और तकनीकी निगरानी की आवश्यकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
निष्कर्ष
इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी तकनीकी चालाकी से अपराध करें, कानून के हाथ लंबे होते हैं। बिहार और हरियाणा पुलिस ने मिलकर न केवल एक संगीन साइबर अपराध को उजागर किया, बल्कि शहीद के सम्मान की रक्षा कर एक मिसाल भी पेश की है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से अब अपेक्षा की जाती है कि वे इस प्रकार के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई करें ताकि भविष्य में किसी भी देशभक्त के परिवार को इस तरह की मानसिक यातना का सामना न करना पड़े।