
कटिहार, बिहार – बिहार पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ उसकी नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। हाल ही में कटिहार जिले के अंतर्गत बारसोई थाना क्षेत्र में घटित एक गंभीर अपराध कांड संख्या-134/20 में आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत सजा सुनाई गई।
इस मामले में बिहार पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्य और समर्पित की गई चार्जशीट के आधार पर विशेष पोक्सो न्यायालय, कटिहार ने स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनवाई पूरी की। अदालत ने अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹50,000 के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्याय की दिशा में तेज़ी से कदम
विशेष रूप से यह मामला बाल यौन उत्पीड़न से संबंधित था, जिसे पोक्सो एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया था। न्यायालय द्वारा इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-07, सह-विशेष पोक्सो न्यायालय द्वारा की गई, जिन्होंने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को प्रमाणिक माना और कठोरतम दंड सुनाया।
बिहार पुलिस की तत्परता
इस पूरे मामले में बिहार पुलिस की तत्परता और सटीकता प्रशंसनीय रही। घटना के बाद त्वरित जांच, साक्ष्य संकलन, चार्जशीट दायर करना और न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखना – इन सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि आरोपी को उसके अपराध की उचित सजा मिले।
सामाजिक संदेश
इस निर्णय ने समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य सरकार और पुलिस बल महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगा। इस प्रकार के मामलों में तेज़ न्यायिक प्रक्रिया से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ती है।
निष्कर्ष
बिहार पुलिस का यह प्रयास एक उदाहरण बनकर सामने आया है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। #HainTaiyarHum जैसे अभियान इसी उद्देश्य को दर्शाते हैं कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कोई भी ढील नहीं दी जाएगी।