
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से होकर गुजरने वाली बहुपटरी (मल्टीट्रैकिंग) रेलवे परियोजना न केवल एक बुनियादी ढांचे का विस्तार है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में एक दूरदर्शी कदम भी है। यह परियोजना दक्षिण भारत के बेल्लारी (कर्नाटक), चित्रदुर्ग तथा अनंतपुर जैसे औद्योगिक और खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को आपस में जोड़ते हुए रेल संपर्क को मजबूत बनाएगी।
परियोजना का उद्देश्य
इस बहुपटरी योजना का मूल उद्देश्य केवल यातायात को सुविधाजनक बनाना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देना भी है। रेल मार्ग की क्षमता में वृद्धि होने से माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों की गति और कुशलता बढ़ेगी। इससे औद्योगिक इकाइयों को समय पर कच्चा माल और तैयार उत्पादों की आपूर्ति संभव हो सकेगी।
अनंतपुर की भूमिका
अनंतपुर जिला जो पहले से ही कृषि, काजू, कपास और हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है, अब इस नई रेलवे परियोजना के ज़रिए एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। रेल संपर्क बेहतर होने से निवेशकों को इस क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे।
पर्यावरण और सतत विकास
परियोजना के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की योजना भी तैयार की गई है। रेलवे मंत्रालय द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान हरित क्षेत्रों की रक्षा हो और कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम रखा जाए। इसके लिए ऊर्जा दक्ष तकनीकों और पर्यावरण-अनुकूल मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है।
सामाजिक प्रभाव
यह परियोजना न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस रेल मार्ग से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक सुविधाएं आम नागरिकों की पहुँच में आएंगी। महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए यह परिवहन सुविधा विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
निष्कर्ष:
अनंतपुर जिले से होकर गुजरने वाली यह बहुपटरी रेलवे परियोजना केवल ट्रैक बिछाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण है, जो दक्षिण भारत की सामाजिक और आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। यह परियोजना आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान कर सकती है।