
उज्जैन, 11 जून 2025: उज्जैन जिले के बेगमबाग इलाके में बुधवार को जिला प्रशासन द्वारा एक सख्त कार्रवाई के तहत सात अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कदम उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा दो साल पहले निरस्त की गई लीज की जमीन पर किए गए गैरकानूनी निर्माणों को हटाने के लिए उठाया गया। यह इलाका महाकालेश्वर मंदिर के समीप स्थित है, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यह कार्रवाई की गई।
यूडीए के सीईओ संदीप सोनी के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व, प्राधिकरण ने उन भूखंडों की लीज रद्द कर दी थी जहाँ सड़कों के दोनों ओर नियमों का उल्लंघन कर निर्माण किए गए थे। बावजूद इसके, चार भूखंडों पर सात संरचनाएं निर्मित की गईं और कई व्यवसायिक गतिविधियाँ भी चालू थीं। इन सबको नोटिस जारी किया गया था।
सीईओ संदीप सोनी ने बताया, “लीज निरस्त होने के बाद ज़मीन सरकार की संपत्ति मानी जाती है और उस पर किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। इसलिए इन्हें हटाने की अंतिम चेतावनी जारी की गई थी।”
इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के सहयोग से यूडीए ने ज़मीन पर दोबारा कब्जा लिया और अवैध ढांचों को गिराने की कार्रवाई शुरू की।
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नितेश भार्गव ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने बताया, “चार स्थानों पर सात संरचनाओं को हटाया जा रहा है और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक चल रही है।”
गौरतलब है कि इससे पहले भी यूडीए ने इसी इलाके में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की थी, लेकिन न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) मिलने के कारण कुछ निर्माण हटाए नहीं जा सके थे। अब जब वह स्थगन आदेश हटा लिया गया है, तो बुधवार को पुनः कार्रवाई शुरू की गई।
इस कार्रवाई में उज्जैन नगर निगम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।