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भारत-श्रीलंका रक्षा सहयोग को नई मजबूती: श्रीलंका सेना प्रमुख का दक्षिण पश्चिमी कमान, जयपुर दौरा

Anoop singh

12 जून 2025, नई दिल्ली – भारत और श्रीलंका के बीच दशकों से चले आ रहे घनिष्ठ रक्षा संबंधों को एक नई ऊर्जा और दिशा देने के उद्देश्य से श्रीलंका सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी.के.जी.एम. लसांथा रोड्रिगो ने 11 से 14 जून तक भारत की आधिकारिक यात्रा के तहत दक्षिण पश्चिमी कमान, जयपुर का दौरा किया।

यह यात्रा भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जयपुर स्थित दक्षिण पश्चिमी कमान मुख्यालय में पहुंचने पर लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो का स्वागत कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बड़े सम्मान और गर्मजोशी के साथ किया।

रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा और सहयोग का विस्तार

दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, सैन्य क्षमताओं के विकास और सर्वोत्तम सैन्य प्रथाओं के आदान-प्रदान जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह संवाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच विश्वास और समन्वय को और गहराई प्रदान करने वाला रहा।

लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो ने दक्षिण पश्चिमी कमान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की और उनके साथ परिचालन अनुभवों को साझा किया। इस दौरान सहयोग के नए अवसरों की भी पहचान की गई, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों की सेनाएं मिलकर प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बना सकेंगी।

सांस्कृतिक जुड़ाव और विरासत स्थलों का दौरा

सिर्फ सैन्य कार्यक्रम ही नहीं, श्रीलंका सेना प्रमुख भारत की समृद्ध सैन्य और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने के उद्देश्य से कई सैन्य एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। यह पहल दोनों देशों के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को और गहराई प्रदान करने में सहायक होगी।

सौहार्दपूर्ण भोज और अनौपचारिक संवाद

दौरे की समाप्ति पर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह की ओर से आयोजित औपचारिक भोज ने एक अनौपचारिक और मित्रवत वातावरण में संवाद का अवसर प्रदान किया। यह आयोजन सेनाओं के शीर्ष नेतृत्व के बीच व्यक्तिगत समझ और संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक और सार्थक कदम साबित हुआ।

साझा इतिहास और साझा भविष्य

भारत और श्रीलंका का सैन्य सहयोग केवल हालिया दौर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका आधार दशकों पुराने साझे इतिहास, विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर टिका है। द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने की रणनीतियाँ शामिल हैं।

इस उच्चस्तरीय सैन्य दौरे ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और श्रीलंका न केवल मित्र देश हैं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी एक-दूसरे के सशक्त सहयोगी हैं। यह यात्रा भविष्य के लिए एक मजबूत रक्षा भागीदारी की आधारशिला रखने में निर्णायक सिद्ध होगी।


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