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अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर अंतरराष्ट्रीय शोक संवेदनाएँ, कई देशों ने व्यक्त की गहरी संवेदना

अहमदाबाद, 12 जून 2025: गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में एक भयावह विमान दुर्घटना के बाद पूरा देश शोक में डूबा है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जो अहमदाबाद से लंदन जा रही थी, टेक-ऑफ के कुछ समय बाद ही मेघानिनगर क्षेत्र में स्थित डॉक्टरों के हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 12 क्रू सदस्य भी शामिल थे।

अब तक एक जीवित व्यक्ति के मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि मृतकों की संख्या के बारे में कोई निश्चित आंकड़ा नहीं दिया गया है। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए थे।

अंतरराष्ट्रीय नेताओं की संवेदनाएँ

इस दुखद घटना ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर को झकझोर कर रख दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शोक संवेदनाएँ भेजी हैं और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी सहानुभूति प्रकट की है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू को संदेश भेजते हुए हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में कहा, “हमने अहमदाबाद, भारत में हुई विमान दुर्घटना की खबर अत्यंत दुःख और भावुकता के साथ प्राप्त की है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं।”

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इसे “अत्यंत विनाशकारी” घटना बताया और कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने लिखा कि ऑस्ट्रेलिया इस मुश्किल घड़ी में भारत के साथ खड़ा है।

इसके अलावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, आर्मेनिया के राष्ट्रपति वाहगन खाचातुर्यान, और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने भी शोक जताते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

आगे की प्रक्रिया

एयर इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद नियंत्रण खो बैठा और डॉक्टरों के हॉस्टल से जा टकराया। अभी राहत और बचाव कार्य जारी है, और घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में किया जा रहा है।

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