
तेल अवीव, 14 जून 2025 — इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता से एक ऐतिहासिक अपील की है। उन्होंने ईरानी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने देश में वर्षों से जारी ‘अत्याचारी और दमनकारी शासन’ के खिलाफ एकजुट होकर स्वतंत्रता की लड़ाई में आगे आएं। नेतन्याहू ने ईरान के शासन को “दुष्ट और उत्पीड़क शासन” की संज्ञा दी और कहा कि अब समय आ गया है जब ईरानी जनता को अपने भविष्य और स्वतंत्रता के लिए खड़ा होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह वक्तव्य तब दिया जब इज़राइल की ओर से ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नामक एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान जारी है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को समाप्त करना है जिससे इज़राइल को खतरा है। नेतन्याहू ने कहा, “हम ईरान के बहादुर नागरिकों से बात कर रहे हैं। यह अभियान इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में से एक है। इस्लामिक शासन जो लगभग 50 वर्षों से आप पर अत्याचार कर रहा है, हमारे देश इज़राइल को नष्ट करने की धमकी दे रहा है। हमारा अभियान इस खतरे को खत्म करने के लिए है ताकि न परमाणु खतरा बचे और न मिसाइलों का डर।”
उन्होंने बताया कि इज़राइल ने इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों, वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। नेतन्याहू ने कहा कि अब ईरानी जनता की स्वतंत्रता का मार्ग भी साफ हो रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले 24 घंटों में हमने ईरान के सैन्य ढांचे पर बड़ा प्रहार किया है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। शासन को नहीं पता कि उन पर क्या आघात होने वाला है।”
नेतन्याहू ने ईरान और इज़राइल के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता का इतिहास बहुत पुराना है, जो साइरस महान के समय से चला आ रहा है। उन्होंने ईरान की जनता को उनके गौरवशाली अतीत की याद दिलाई और कहा कि समय आ गया है कि वे अपनी धरोहर और ध्वज की रक्षा के लिए अत्याचार के खिलाफ उठ खड़े हों।
नेतन्याहू का यह संबोधन न केवल एक सैन्य रणनीति का हिस्सा है बल्कि ईरानी जनता को एकजुट करने की उनकी कोशिश का भी प्रतीक है। आने वाले समय में इस अपील का असर ईरान के भीतर किस रूप में दिखाई देगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।