
चेन्नई, 16 जून 2025 — मद्रास उच्च न्यायालय ने एक कथित अपहरण मामले में बड़ा कदम उठाते हुए विधायक पूवई एम. जगन मूर्ति और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एच.एम. जयराम को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पी. वेलमुरुगन ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि ये दोनों अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो तिरुवल्लुर जिले की तिरुवालंगाडु पुलिस को उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया जाएगा।
यह मामला विधायक जगन मूर्ति द्वारा दायर की गई अग्रिम ज़मानत याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। जगन मूर्ति, जिन्होंने 2021 में वेल्लोर जिले के किलवैथिनकुप्पम विधानसभा क्षेत्र से पुरATCHI भारतम पार्टी के उम्मीदवार के रूप में AIADMK चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीता था, अब खुद कानूनी पचड़े में फंसे हैं।
उनके वरिष्ठ वकील एस. प्रभाकरण ने अदालत में यह दलील दी कि उनके मुवक्किल का इस कथित अपहरण मामले से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही, उन्होंने पुलिस पर यह आरोप भी लगाया कि बिना किसी उचित आधार के उनके मुवक्किल को गिरफ्तार कर पूछताछ करने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले ने व्यापक जनचर्चा को जन्म दिया है, क्योंकि यह एक निर्वाचित विधायक और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बीच कथित मिलीभगत का मामला बन गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सत्ता और प्रशासनिक ताकत का दुरुपयोग किया गया है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे की सुनवाई में दोनों — विधायक पूवई जगन मूर्ति और एडीजीपी एच.एम. जयराम — को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। अदालत जल्द ही इस मामले में आगे की दलीलों को सुनेगी।
यह प्रकरण ना केवल राजनीतिक क्षेत्र में बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब सबकी निगाहें अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।