
जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन के प्रति फ्रांस और जी7 देशों की मजबूत एकजुटता दोहराई। यह बयान रूस द्वारा यूक्रेनी शहरों पर रातभर किए गए घातक मिसाइल हमलों के तुरंत बाद आया, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता और तनाव और बढ़ गया है।
मैक्रों ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ खड़े होकर स्पष्ट शब्दों में इन हमलों की निंदा की और रूस से तुरंत और बिना किसी शर्त के युद्धविराम लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फ्रांस और उसके सहयोगी देश यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने जोर देते हुए कहा,
“हम रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए तैयार हैं जब तक वह बिना शर्त संघर्ष विराम के लिए सहमत नहीं होता।”
रूसी हमलों के बाद यूक्रेन की कई शहरों में नागरिक हताहत हुए हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे समय में मैक्रों का यह बयान न केवल यूक्रेन के लिए समर्थन का प्रतीक है, बल्कि यह दिखाता है कि पश्चिमी देश अब राजनयिक दबाव के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।
फ्रांस लंबे समय से इस संघर्ष का राजनयिक समाधान चाहता रहा है, लेकिन मैक्रों ने स्पष्ट किया कि शांति तभी संभव है जब रूस यूक्रेन की सीमाओं का सम्मान करे। जी7 नेताओं ने संकेत दिया है कि वे रूस को वार्ता की मेज पर लाने के लिए और अधिक संयुक्त प्रतिबंध और कूटनीतिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
यह जी7 सम्मेलन, जो कनाडा के कनानास्किस में आयोजित हो रहा है, ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। इस पृष्ठभूमि में, मैक्रों की भूमिका एक प्रमुख यूरोपीय आवाज के रूप में और भी अहम हो गई है।
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