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मधुबनी कोर्ट का बड़ा फैसला: कलेक्ट्रेट को 15 दिनों में चुकानी होगी ₹4.17 करोड़ की राशि, वरना होगी संपत्ति की नीलामी

Anoop singh

मधुबनी (बिहार), 18 जून 2025: मधुबनी की एक स्थानीय अदालत ने एक ऐतिहासिक निर्णय में जिला कलेक्ट्रेट को आदेश दिया है कि वह 15 दिनों के भीतर ₹4.17 करोड़ की बकाया राशि का भुगतान करे, अन्यथा उसकी अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी जाएगी। यह मामला कोलकाता स्थित “राधे कृष्णा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड” से जुड़ा है, जिसने यह बकाया वसूली का दावा किया था।

इस आदेश के तहत न्यायालय ने मधुबनी कलेक्ट्रेट को नोटिस जारी किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं किया गया, तो शहर में स्थित कलेक्ट्रेट परिसर की भूमि और भवनों को नीलाम कर दिया जाएगा। नोटिस में उल्लेख है कि उक्त संपत्ति का क्षेत्रफल 2.05 एकड़ है, जिसमें दो मंजिला भवन, थाना, सिविल कोर्ट, सिविल लाइन रोड और अन्य सरकारी दफ्तर शामिल हैं।

क्या है मामला?

मामला Arbitration Exec. वाद सं. 03/2016 से संबंधित है, जिसमें कोर्ट ने पहले ही आदेश जारी किया था कि जिला प्रशासन को राधे कृष्णा एक्सपोर्ट्स को भुगतान करना होगा। यह राशि मूल बकाया के साथ-साथ व्याज भी शामिल करती है। वर्षों से लटके इस भुगतान को लेकर अब अदालत ने सख्ती दिखाते हुए अंतिम चेतावनी जारी कर दी है।

प्रभाव और आशंकाएं

मधुबनी कलेक्ट्रेट न केवल प्रशासनिक कार्यों का मुख्य केंद्र है, बल्कि यह जिला मजिस्ट्रेट (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य उच्च अधिकारियों के दफ्तरों का भी मुख्यालय है। अगर तय समय में भुगतान नहीं होता है, तो यह पूरे जिले के प्रशासनिक ढांचे को गहरा प्रभावित कर सकता है।

नोटिस सार्वजनिक रूप से चस्पा

यह नोटिस सार्वजनिक रूप से कलेक्ट्रेट परिसर के द्वार पर चस्पा कर दिया गया है, जिससे पूरे जिले में हलचल मच गई है। न्यायालय के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि जनता को भी इसकी जानकारी मिल सके।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल मधुबनी बल्कि पूरे राज्य के लिए एक चेतावनी है कि कानूनी आदेशों की अनदेखी करना अब महंगा साबित हो सकता है। अदालत की सख्ती प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूती देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन तय समयसीमा में भुगतान करता है या फिर मधुबनी में पहली बार सरकारी संपत्तियों की नीलामी की नौबत आती है।


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