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ताइवान की हवाई सीमा के पास चीनी सैन्य गतिविधि में उछाल: तनाव फिर चरम पर

Anoop singh

ताइपेई, 20 जून 2025 – ताइवान जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने शुक्रवार सुबह 6 बजे तक चीनी सेना की गतिविधियों में भारी वृद्धि की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, 50 चीनी सैन्य विमानों और 6 नौसैनिक जहाजों की उपस्थिति ताइवान की वायुसीमा और समुद्री क्षेत्र के निकट दर्ज की गई।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इन 50 विमानों में से 46 ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा पार की – यह रेखा दोनों पक्षों के बीच एक अनौपचारिक लेकिन महत्वपूर्ण सैन्य संतुलन मानी जाती है। ये विमान ताइवान के हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) के उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में घुसे।

ताइवान ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए अपने लड़ाकू विमानों को रवाना किया, नौसैनिक इकाइयों को सक्रिय किया और ज़मीन से संचालित मिसाइल रक्षा प्रणालियों को तैयार कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने बयान में स्पष्ट किया कि ताइवान पूरी तरह सतर्क है और उसने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उपयुक्त कदम उठाए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना चीन की ओर से ताइवान पर दबाव बढ़ाने की नीति का हिस्सा है। हाल के महीनों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और नौसेना (PLAN) द्वारा ऐसी गतिविधियों में तेज़ी आई है, जिसे ताइवान सरकार जानबूझकर की गई उकसावे की कार्रवाई मानती है।

यह सैन्य गतिशीलता ऐसे समय में सामने आई है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पहले से ही सामरिक अस्थिरता और वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं। अमेरिका और उसके सहयोगी पहले ही चीन की विस्तारवादी नीति को लेकर सतर्क हैं।

ताइवान ने इस मौके पर अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।

निष्कर्ष:
यह घटना न केवल ताइवान-चीन संबंधों में तनाव को रेखांकित करती है, बल्कि यह पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

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