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भारत वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में बना मुख्य प्रेरक: विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट में खुलासा

सांकेतिक तस्वीर

दावोस से प्रकाशित एक नवीनतम रिपोर्ट में विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का एक प्रमुख चालक करार दिया है। यह रिपोर्ट न केवल भारत की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि किस तरह भारत वैश्विक ऊर्जा नीतियों को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ और जापान के साथ मिलकर ये पाँच अर्थव्यवस्थाएँ वैश्विक आबादी, GDP और ऊर्जा खपत का लगभग आधा हिस्सा साझा करती हैं। साथ ही, ये दुनिया के दो-तिहाई ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए भी जिम्मेदार हैं। ऐसे में इन देशों की भूमिका जलवायु परिवर्तन से निपटने में अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

भारत की ऊर्जा नीतियों में बदलाव

WEF ने अपनी रिपोर्ट में भारत की ऊर्जा संरचना में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना की है। बीते दशक में भारत ने ऊर्जा सुलभता, टिकाऊ बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय स्रोतों की ओर तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति उल्लेखनीय रही है।

स्वच्छ ईंधनों की ओर बढ़ते कदम

भारत ने ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों की बजाय हरित ईंधनों को अपनाने की दिशा में तेज़ी दिखाई है। ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने के साथ-साथ स्वच्छ रसोई गैस वितरण योजनाओं ने भी भारत की ऊर्जा नीति को जन-हितैषी और पर्यावरण-अनुकूल बनाया है।

शून्य-उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में प्रतिबद्धता

भारत सरकार द्वारा निर्धारित ‘नेट-ज़ीरो एमिशन’ लक्ष्य के तहत विभिन्न उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए अहम कदम उठाए गए हैं। इससे भारत न केवल अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार जलवायु नेता के रूप में भी उभर रहा है।

वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर भारत

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत अब केवल एक ऊर्जा उपभोक्ता नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा शासन और नवाचार में एक मार्गदर्शक बनता जा रहा है। सख्त विनियामक ढांचे, हरित तकनीकी निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में उठाए गए प्रयास भारत की इस भूमिका को और भी मजबूत बनाते हैं।

निष्कर्ष

जैसे-जैसे दुनिया जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट की चुनौतियों से जूझ रही है, भारत का नेतृत्व इस दिशा में आशा की किरण के रूप में सामने आया है। विश्व आर्थिक मंच की यह रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि भारत न केवल अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को जिम्मेदारी से पूरा कर रहा है, बल्कि एक स्वच्छ, हरित और न्यायसंगत ऊर्जा भविष्य की दिशा में पूरी दुनिया को मार्गदर्शन भी दे रहा है।


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