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मध्य पूर्व संकट के बीच मैक्रों की अपील: तनाव घटाएं, बातचीत का रास्ता अपनाएं

Anoop singh

पेरिस, 22 जून 2025 – फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय स्थिरता की पुरज़ोर वकालत करते हुए ईरान से संयम बरतने और वार्ता का मार्ग अपनाने की अपील की है। पेरिस से जारी अपने सार्वजनिक बयान में मैक्रों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, ओमान के सुल्तान, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और कतर के अमीर से सीधी बातचीत की है और क्षेत्र में फ्रांस की एकजुटता दोहराई है।

राष्ट्रपति मैक्रों ने विशेष रूप से ईरान को संबोधित करते हुए दो फ्रांसीसी नागरिकों — सेसिल कोहलर और जैक्स पेरिस — की तत्काल रिहाई की मांग की, और इसे फ्रांसीसी कूटनीति की प्राथमिकता बताया। उन्होंने ईरान से आग्रह किया कि वह क्षेत्र में हाल ही की रातों को हुए सैन्य हमलों के बाद कोई और उकसावे वाली कार्रवाई न करे।

मैक्रों ने स्पष्ट किया कि “शांति और सुरक्षा का एकमात्र रास्ता पारदर्शिता, संयम और ईरान द्वारा परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा छोड़ने की स्पष्ट प्रतिबद्धता से ही संभव है।”

उन्होंने चेताया कि यदि तनाव को नहीं रोका गया, तो इससे न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। उनके इस वक्तव्य को एक ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई की घटनाएं तेज़ हो रही हैं और इस्लामिक गणराज्य के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता वैश्विक स्तर पर फिर से गहराती दिख रही है।

मैक्रों की यह अपील इस बात का संकेत है कि फ्रांस एक बार फिर वैश्विक मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी पक्षों को अब हिंसा नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देनी चाहिए।

निष्कर्षतः, यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आई यह पहल न केवल यूरोप की ओर से एक संतुलित दृष्टिकोण का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि वैश्विक शक्ति संतुलन को बनाए रखने में संवाद और संयम की कितनी अहम भूमिका है।


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