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ताइवान जलडमरूमध्य में चीन की सैन्य गतिविधियाँ फिर तेज़, तनाव गहराया23 जून 2025

Anoop singh

ताइवान जलडमरूमध्य में एक बार फिर चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय तनाव को नया मोड़ दे दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने सोमवार सुबह जानकारी दी कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पांच लड़ाकू विमान और नौ नौसैनिक जहाज़ ताइवान के आसपास की सीमाओं में सक्रिय रूप से देखे गए।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इन पांच विमानों में से तीन ने जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार करते हुए ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया। यह मध्य रेखा लंबे समय से चीन और ताइवान के बीच एक अनौपचारिक मगर मान्य सीमा मानी जाती रही है।

ताइवान की सेना ने तत्परता दिखाते हुए इन विमानों पर नज़र रखी और उपयुक्त जवाबी कार्रवाई की। MND ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए कहा कि सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

यह घटना उस व्यापक सैन्य अभ्यास के ठीक एक दिन बाद सामने आई है जब रविवार को ताइवान ने 12 चीनी लड़ाकू विमान और छह नौसैनिक जहाज़ अपने ADIZ क्षेत्र में चिन्हित किए थे। उस समय भी आठ विमान मध्य रेखा को पार कर चुके थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम चीन की ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ताइवान पर लगातार सैन्य और मानसिक दबाव बनाए रखना है। यह रणनीति क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ चीन की आक्रामक विदेश नीति को भी दर्शाती है।

ताइवान सरकार ने दोहराया कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता की समर्थक है, लेकिन किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ताइवान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

इन घटनाओं ने अमेरिका और जापान सहित कई वैश्विक शक्तियों का ध्यान एक बार फिर इस संवेदनशील क्षेत्र की ओर खींचा है, जिससे आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।


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