
लुधियाना, 23 जून 2025 – पंजाब की राजनीति का केंद्र बने लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव की मतगणना आज सुबह 8:00 बजे खालसा कॉलेज फॉर वुमन में शुरू हो गई है। यह उपचुनाव न केवल स्थानीय प्रतिनिधित्व के लिए अहम है, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।
उपचुनाव का कारण
यह उपचुनाव आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक गुरप्रीत गोगी के आकस्मिक निधन के कारण कराया जा रहा है। गोगी ने 2022 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी। उनके निधन से खाली हुई सीट पर अब नए प्रतिनिधि के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
उम्मीदवारों की टक्कर
इस उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को मैदान में उतारा है। यदि वह जीतते हैं, तो उनके राज्यसभा स्थान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहाँ से पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है।
कांग्रेस ने अपने अनुभवी नेता और पूर्व विधायक भरत भूषण आशु को टिकट दिया है, जो पहले भी इस सीट से दो बार चुनाव जीत चुके हैं।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा गठबंधन की ओर से परुपकार सिंह घुम्मन मैदान में हैं, जो इस चुनाव में गठबंधन की रणनीतिक साझेदारी का संकेत देते हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था
चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। कुल 14 राउंड में वोटों की गिनती की जाएगी। सुबह 9 बजे तक शुरुआती रुझान सामने आने की उम्मीद है।
मतदाता भागीदारी
19 जून को हुए मतदान में 51.33% वोटिंग दर्ज की गई, जो न तो बहुत अधिक है और न ही बहुत कम। इससे यह संकेत मिलता है कि जनता की भागीदारी मध्यम रही, लेकिन मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है।
व्यापक राजनीतिक महत्व
यह उपचुनाव एक स्थानीय घटना से कहीं अधिक है। यह पंजाब में सत्ताधारी दल की स्थिति का परीक्षण है और साथ ही यह देखना भी अहम होगा कि विपक्षी दल अपनी पकड़ किस हद तक बनाए रख पाए हैं। इसके परिणाम का असर 2027 के विधानसभा चुनाव और 2026 की राज्यसभा रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, सभी की नजरें इस प्रतिष्ठित सीट के नतीजे पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।