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उत्तर प्रदेश में कहर बरपा रही मानसूनी बारिश: 30 जिलों में अलर्ट, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Anoop singh

लखनऊ, 23 जून 2025 – उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री इस बार बेहद प्रचंड और विनाशकारी रही है। राज्य के पूर्वी से लेकर पश्चिमी हिस्सों तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़कों पर जलभराव, बिजली गिरने की घटनाएं, पुलों का टूटना और खेतों में बाढ़ जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों में भारी वर्षा के लिए रेड अलर्ट और 10 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। रविवार से तेज़ बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया है।

⚡ बिजली गिरने से नुकसान

जालौन ज़िले में आकाशीय बिजली गिरने की एक दर्दनाक घटना में सात बकरियों की मौत हो गई। वहीं कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है।

🌧️ रिकॉर्ड वर्षा और जलभराव

ललितपुर में अब तक की सबसे अधिक 132 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। लखनऊ, बिजनौर और झांसी जैसे प्रमुख शहरों में सड़कों पर पानी भर गया है। खासकर बिजनौर में तो बारिश इतनी तेज़ हुई कि बाजारों से सब्जियां और अन्य सामान पानी के बहाव में बह गए।

🚜 कृषि क्षेत्र पर भारी मार

बस्ती ज़िले के अथदेउरा गांव के पास सरयू नहर में दरार पड़ने से 50 बीघा से अधिक खेत जलमग्न हो गए। इससे किसानों को भारी फसल नुकसान झेलना पड़ रहा है।

🐸 दुर्लभ दृश्य और वन्यजीवन की हलचल

झांसी के रक्सा गांव में स्थानीय लोगों ने पीले रंग के दुर्लभ मेढकों को देखा, जिसे पारंपरिक रूप से अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है। वहीं आगरा के एक गांव में चंबल नदी से बहकर एक मगरमच्छ निकल आया, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया।

🏗️ बुनियादी ढांचे को नुकसान

पीलीभीत में एक पुल का हिस्सा बारिश के कारण नहर में गिर गया, जिसके बाद सिंचाई विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया।

🛑 प्रशासन की चेतावनी

प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे जलमग्न क्षेत्रों से दूर रहें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अत्यधिक सावधानी बरतें। ज़िलों में राहत और बचाव कार्य भी तेज़ी से चल रहा है।


निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में मानसून ने इस बार न केवल प्रकृति की ताक़त दिखाई है, बल्कि लोगों के जीवन, फसलों और बुनियादी ढांचे पर भी गहरी चोट की है। आने वाले दिनों में यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में जनसामान्य से लेकर प्रशासन तक सभी को मिलकर सतर्कता बरतनी होगी।


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