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यमुनोत्री भूस्खलन पर उत्तराखंड की तेज प्रतिक्रिया: रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी, ड्रोन से निगरानी

सांकेतिक तस्वीर

उत्तरकाशी, 25 जून 2025 — यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर नौ कच्ची के पास हुए भीषण भूस्खलन ने तीर्थयात्रियों और प्रशासन दोनों को हिला कर रख दिया। घटना जनकीचट्टी से लगभग 3 किलोमीटर दूर घटी, जहां भारी मात्रा में मलबा मार्ग पर गिरा, जिससे यात्रा कुछ समय के लिए बाधित हो गई।

राज्य सरकार ने इस आपदा पर तुरंत संज्ञान लेते हुए राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई है। एसडीआरएफ कमांडर अर्पण यादवंशी के नेतृत्व में राहत दल मौके पर पहुंच चुका है। बचाव कार्यों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों का वास्तविक समय में आकलन किया जा रहा है और जोखिम वाले स्थानों की पहचान की जा रही है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी कि एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और चिकित्सा टीमों को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तत्परता से स्थिति पर नजर रखे हुए है और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया है और उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जनकीचट्टी में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं और राहतकर्मियों की सुरक्षा की कामना करते हुए कहा कि राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

इस घटना के बावजूद, उत्तराखंड प्रशासन ने जिस प्रकार से आधुनिक तकनीक और समन्वित प्रयासों के माध्यम से तत्काल प्रतिक्रिया दी है, वह राज्य के आपदा प्रबंधन कौशल को दर्शाता है। वर्तमान में मलबा हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और स्थिति सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।


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