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ऑनलाइन हेल्पलाइन नंबर घोटाले पर गुजरात पुलिस की चेतावनी: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें


Anoop singh

अहमदाबाद, 26 जून 2025 — बदलते डिजिटल युग में जहां हर जानकारी कुछ ही क्लिक दूर है, वहीं साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। गुजरात पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण साइबर अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को गूगल या अन्य सर्च इंजनों में दिख रहे फर्जी हेल्पलाइन नंबरों से सावधान रहने की अपील की है।

कैसे होता है यह घोटाला?

इस साइबर फ्रॉड का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। साइबर अपराधी गूगल जैसे सर्च इंजनों की रैंकिंग में छेड़छाड़ कर खुद के बनाए हुए नकली वेबसाइट्स या लिस्टिंग को ऊपर दिखाते हैं। जब कोई व्यक्ति ग्राहक सेवा या तकनीकी सहायता के लिए नंबर सर्च करता है, तो वह इन्हीं फर्जी नंबरों पर पहुंच जाता है।

फोन उठाने वाले धोखेबाज़ कंपनी प्रतिनिधि या तकनीकी सहायक बनकर बात करते हैं और पीड़ित से बैंक डिटेल्स, ओटीपी, आधार संख्या जैसे संवेदनशील जानकारी मांगते हैं। कुछ मामलों में पीड़ितों को ऐप डाउनलोड करवाकर उनके मोबाइल या कंप्यूटर को हैक कर लिया जाता है।

गुजरात पुलिस की सलाह

गुजरात पुलिस ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों को निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं:

डिजिटल साक्षरता है सुरक्षा की कुंजी

गुजरात पुलिस का यह अभियान न सिर्फ नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए है, बल्कि डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। आज जब अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं, तो आम नागरिक का सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष: ‘सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए’

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी धोखाधड़ी में बदल सकती है। अतः गुजरात पुलिस का संदेश सभी के लिए है – “शतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए!”


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