
नई दिल्ली, 26 जून 2025 — देशभर में ट्रेन यात्रियों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रेलवे 1 जुलाई से विभिन्न श्रेणियों – एसी, स्लीपर और जनरल सेकंड क्लास – में किराया बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। इस कदम से रेलवे को अनुमानतः ₹990 करोड़ की अतिरिक्त वार्षिक आय होगी। यह वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 1 जनवरी 2020 के बाद पहली बार किराया बढ़ोतरी का मामला होगा।
किराया बढ़ोतरी किस तरह लागू होगी?
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह बढ़ोतरी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों पर लागू होगी, जबकि उपनगरीय ट्रेनों (लोकल) को इससे बाहर रखा गया है।
- स्लीपर क्लास: 1 पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
- एसी क्लास: 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
किस वर्ग से कितनी अतिरिक्त आमदनी होगी?
रेलवे के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, जिन यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है, उनसे सबसे अधिक अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा: श्रेणी यात्री किलोमीटर (करोड़) पहले का राजस्व (₹ करोड़) अनुमानित वृद्धि (₹ करोड़) फर्स्ट एसी 480 1,527 9.6 सेकंड एसी 4,657 8,776 93.1 थर्ड एसी 26,688 37,115 533.8 एग्जीक्यूटिव क्लास 235 987 4.7 एसी चेयर कार 2,822 5,626 56.4 स्लीपर 29,232 16,509 292.3 कुल64,11470,540989.9
आम यात्रियों पर प्रभाव
इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभाव थर्ड एसी और स्लीपर क्लास के यात्रियों पर पड़ेगा, क्योंकि इन दोनों श्रेणियों का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है।
रेलवे की मंशा क्या है?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी केवल राजस्व वृद्धि के लिए नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, यात्री सुविधाओं में वृद्धि और ट्रेनों की समयबद्धता जैसे पहलुओं को बेहतर बनाने के लिए की जा रही है।
हालांकि, आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन 1 जुलाई से यह नई किराया संरचना लागू हो सकती है।
निष्कर्ष:
भारतीय रेलवे की यह रणनीतिक कदम आर्थिक रूप से मजबूती लाने की दिशा में एक प्रयास है। देखना यह होगा कि आम जनता इसे किस प्रकार से लेती है और क्या यह कदम सेवा सुधार में वास्तविक परिवर्तन लाता है या केवल जेब पर बोझ बनकर रह जाता है।