
26 जून, 2025
हर वर्ष 26 जून को “विश्व मादक पदार्थ दिवस” (World Drug Day) के रूप में मनाया जाता है, और इस वर्ष का संदेश पहले से कहीं अधिक स्पष्ट और मानवीय है — “नशे की लत एक अपराध नहीं, बल्कि एक जटिल स्वास्थ्य समस्या है।” संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ और अपराध कार्यालय (UNODC) ने इस अवसर पर एक अहम संदेश देते हुए यह बताया कि नशे की लत को अब किसी की कमजोरी या नैतिक पतन नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए।
✦ नशे की लत: परिस्थितियों की पैदाइश
शोध और विशेषज्ञों के अनुसार, नशे की लत किसी एक कारण से नहीं होती। इसके पीछे मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, बचपन का आघात, सामाजिक असमानता, गरीबी और आनुवांशिक प्रभाव जैसे कई कारक काम करते हैं। यह लत धीरे-धीरे जीवन को इस तरह जकड़ लेती है कि व्यक्ति के लिए इससे बाहर निकलना बेहद कठिन हो जाता है।
✦ सामाजिक कलंक: सबसे बड़ी बाधा
भले ही जागरूकता बढ़ी हो, लेकिन आज भी नशा करने वालों को समाज में हिकारत की नजरों से देखा जाता है। उन्हें “कमजोर इच्छाशक्ति वाला”, “अपराधी” या “निकम्मा” समझा जाता है। यह सोच न सिर्फ उनके आत्म-सम्मान को तोड़ती है, बल्कि उन्हें मदद लेने से भी रोकती है। शर्म और डर की दीवारें उन्हें उपचार और पुनर्वास केंद्रों से दूर रखती हैं।
✦ समाधान: दंड नहीं, दया और उपचार
UNODC का संदेश इस वर्ष एक नयी सोच और प्रणालीगत बदलाव की मांग करता है। सरकारों और समाज को यह समझना होगा कि नशे से जूझ रहे लोगों को जेल नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, काउंसलिंग और पुनर्वास की जरूरत है।
नशे के खिलाफ लड़ाई में सफलता तभी संभव है जब हम:
- स्वास्थ्य-आधारित नीतियों को अपनाएं
- स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी शिक्षा को बढ़ावा दें
- समाज में सहानुभूति और स्वीकार्यता को बढ़ाएं
- पुनर्वास सेवाओं को सुलभ और सस्ता बनाएं
✦ एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की ओर
जब हम नशे की लत को इलाज योग्य रोग की तरह मानना शुरू करेंगे, तभी हम एक ऐसा समाज बना पाएंगे जो सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगी हो। यह केवल पीड़ित व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए फायदे का सौदा है।
इस “विश्व मादक पदार्थ दिवस” पर आइए एक संकल्प लें — नशे को कलंक नहीं, एक चुनौती मानें। और उन लोगों को आगे बढ़ने का मौका दें, जिनकी जिंदगियां अंधेरे में डूब चुकी हैं।