
लखनऊ, 26 जून 2025 – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बार फिर अपने विकास के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए ‘विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान पर ज़ोर दिया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही “डबल इंजन” सरकार की उपलब्धियों का प्रतिफल बताया।
मुख्यमंत्री ने राज्य को आत्मनिर्भर, नवाचार आधारित और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने वाला बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है — जहाँ डिजिटल सशक्तिकरण, सांस्कृतिक गौरव और तकनीकी प्रगति एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।
इस कड़ी में योगी आदित्यनाथ ने आज दो महत्वपूर्ण आयोजनों में भाग लिया:
- सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) की स्वर्ण जयंती समारोह
- नए डेटा सेंटर की आधारशिला का शुभारंभ
CEL, एक प्रतिष्ठित मिनी-रत्न सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है, जो भारत की तकनीकी मजबूती का प्रतीक है। वहीं, नया डेटा सेंटर उत्तर प्रदेश की डिजिटल संरचना को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
योगी ने अपने संबोधन में कहा, “उत्तर प्रदेश आज परंपरा और प्रौद्योगिकी के संतुलन के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को इस प्रगति से जोड़ा जाए — चाहे वह किसान हो, युवा हो या महिला उद्यमी।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में है। इसके साथ ही, राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास जारी है।
मुख्य बिंदु:
- CEL की स्वर्ण जयंती पर डिजिटल और तकनीकी प्रगति का उत्सव
- डेटा सेंटर की स्थापना से डिजिटल यूपी की नींव और मज़बूत
- आत्मनिर्भर भारत की भावना को उत्तर प्रदेश में क्रियान्वित करने की दिशा में कदम
- सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिकता का समन्वय
इस दृष्टिकोण के साथ उत्तर प्रदेश न सिर्फ एक विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर है, बल्कि यह प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपने को भी साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।