
दिनांक: 26 जून, 2025
ब्रसेल्स में आयोजित एक महत्वपूर्ण अनौपचारिक बैठक में यूरोप के शीर्ष नेताओं ने प्रवासन (माइग्रेशन) से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए रणनीतिक वार्ता की। इस बैठक का नेतृत्व इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने किया, जबकि डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ सह-आयोजकों के रूप में शामिल हुए।
इस उच्च-स्तरीय चर्चा में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, साइप्रस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, लातविया, माल्टा, पोलैंड, स्वीडन और चेक गणराज्य जैसे कई यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, यूरोपीय आयोग (European Commission) के सदस्य भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य उद्देश्य
इस अनौपचारिक बैठक का उद्देश्य था – प्रवासन प्रशासन के लिए नवीन, कानूनी और सहयोगात्मक रास्तों को तलाशना, विशेषकर अनियमित प्रवासियों की वापसी की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए।
पहले से बनी सहमति को आगे बढ़ाना
बैठक में यह उल्लेख किया गया कि 22 मई को एक साझा पत्र जारी किया गया था जिसमें अंतरराष्ट्रीय संधियों और प्रवासन से जुड़ी उनकी प्रासंगिकता का पुनर्मूल्यांकन करने की मांग की गई थी। इसी पहल के विस्तार के रूप में यह बैठक हुई, जिसमें सभी देशों ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि बहस से आगे बढ़कर व्यवहारिक कार्य योजनाओं पर अमल किया जाए।
यूरोपीय आयोग की भूमिका
प्रधानमंत्री मेलोनी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने प्रवासन मुद्दों पर सार्थक और व्यावहारिक सहयोग प्रदान किया। नेताओं ने इस सहयोग की प्रशंसा करते हुए भविष्य के शिखर सम्मेलनों में इसे बनाए रखने की बात कही।
साझा यूरोपीय प्रतिबद्धता
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रवासन जैसे जटिल मुद्दे को केवल राष्ट्रीय नीतियों से नहीं बल्कि यूरोपीय एकजुटता, कानूनी स्पष्टता और नवीन रणनीतियों से ही प्रभावी ढंग से सुलझाया जा सकता है।
निष्कर्ष
यह पहल इस बात का संकेत है कि यूरोप अब प्रवासन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर न केवल चर्चा कर रहा है, बल्कि संयुक्त समाधान और कार्रवाई के लिए तैयार है। यह कदम आने वाले वर्षों में यूरोपीय प्रवासन नीति को नया स्वरूप दे सकता है।