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मेडागास्कर में भारत की रणनीतिक भागीदारी को नया आयाम: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ की उच्चस्तरीय यात्रा

Anoop singh

अंतानानारिवो (मेडागास्कर), 28 जून 2025: भारतीय रक्षा राज्यमंत्री श्री संजय सेठ की 25 से 27 जून तक की मेडागास्कर यात्रा ने भारत-मेडागास्कर रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान की है। यह दौरा मेडागास्कर के 65वें स्वतंत्रता दिवस और मालागासी सशस्त्र बलों की स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर हुआ, जिसमें भारत की उच्चस्तरीय सहभागिता ने भारत की हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।

द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई अहम बातचीत

यात्रा के दौरान श्री संजय सेठ ने मेडागास्कर के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल साहिवेलो लाला मोंजा डेल्फिन से व्यापक बातचीत की। इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और सुरक्षा बलों की क्षमताओं के उन्नयन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने के उपायों पर सहमति जताई, जो क्षेत्रीय स्थायित्व के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट

रक्षा राज्यमंत्री ने मेडागास्कर के प्रधानमंत्री श्री क्रिश्चियन एनत्साय से भी शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बधाई संदेश और शुभकामनाएं प्रदान कीं। बातचीत में भारत द्वारा मेडागास्कर के सतत विकास और सुरक्षा प्रयासों में सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

भारतीय समुदाय से आत्मीय संवाद

श्री सेठ ने मेडागास्कर की राजधानी अंतानानारिवो में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित सामुदायिक समारोह में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत की हालिया उपलब्धियों से अवगत कराया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

भारत-मेडागास्कर संबंधों का ऐतिहासिक महत्व

भारत और मेडागास्कर के बीच सांस्कृतिक और भौगोलिक निकटता पर आधारित गहरे संबंध हैं। दोनों देशों के बीच सहयोग न केवल द्विपक्षीय लाभ सुनिश्चित करता है, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थायित्व और साझेदारी को भी बढ़ावा देता है।

निष्कर्ष

श्री संजय सेठ की यह यात्रा भारत की “सागर” (Security and Growth for All in the Region) नीति को मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त पहल मानी जा रही है। यह यात्रा न केवल रक्षा क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और साझा विकास के नए द्वार भी खोलेगी।


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