
वॉशिंगटन डी.सी., जून 2025 — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और संभावित 2024 के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादास्पद लेकिन निर्णायक विधेयक “NO TAX DOLLARS FOR RIOTS” का ज़ोरदार समर्थन किया है। इस विधेयक का उद्देश्य उन संगठनों को सार्वजनिक निधियों (टैक्सपेयर के पैसे) से वंचित करना है जो कथित तौर पर हिंसक प्रदर्शनों या दंगों से जुड़े रहे हैं।
इस विधेयक को रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि केविन काइली द्वारा प्रस्तुत किया गया है और इसमें यह प्रस्तावित किया गया है कि किसी भी ऐसे समूह को संघीय सहायता नहीं दी जाएगी जो “सार्वजनिक अव्यवस्था” को बढ़ावा देते हैं या दंगों में संलिप्त पाए जाते हैं।
“विनाश को पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए” – ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने इस विधेयक को “तुरंत लागू किए जाने योग्य” बताते हुए कहा कि अगर वे पुनः राष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो वे प्रशासन को निर्देश देंगे कि वह ऐसे संगठनों से सभी वित्तीय संबंध समाप्त करे, चाहे यह विधेयक कानून बने या नहीं।
उनका तर्क है कि जिन समूहों पर सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, आगजनी, और दंगों में शामिल होने के आरोप हैं, उन्हें बाद में पुनर्निर्माण के लिए सरकारी मदद देना “विनाश के लिए पुरस्कार” जैसा है।
राजनीतिक और वैचारिक संकेत
ट्रंप का यह रुख सिर्फ विधेयक के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक विचारधारा का प्रतीक है जिसमें कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। वह मानते हैं कि संघीय निधि का उपयोग केवल उत्तरदायी और शांतिपूर्ण संगठनों के लिए होना चाहिए, न कि उन समूहों के लिए जिन पर सामाजिक अस्थिरता फैलाने का आरोप है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में नागरिक अधिकारों से जुड़ी गतिविधियाँ और प्रदर्शन राजनीतिक विमर्श का केंद्रीय विषय बने हुए हैं।
रूढ़िवादी खेमे में समर्थन
ट्रंप का यह बयान रिपब्लिकन पार्टी के उन सदस्यों में लोकप्रियता पा रहा है जो वित्तीय जवाबदेही और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने की वकालत करते हैं। विधेयक को लेकर यह भी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में यह अमेरिकी कांग्रेस में चर्चा का प्रमुख विषय बनेगा।
निष्कर्ष
“NO TAX DOLLARS FOR RIOTS” विधेयक केवल एक कानूनी प्रस्ताव नहीं, बल्कि अमेरिकी राजनीति के बदलते मूल्यों और प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब है। डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव का समर्थन यह दर्शाता है कि 2024 की राष्ट्रपति दौड़ में वे कानून-व्यवस्था, टैक्सपेयर के पैसे की जवाबदेही और राष्ट्र की स्थिरता जैसे मुद्दों को केंद्रीय बनाए रखने की रणनीति अपना रहे हैं।