
उत्तरकाशी, 29 जून 2025 – उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे पर स्थित सिलाई बेंड के पास आज सुबह एक भयावह भूस्खलन ने इलाके में तबाही मचा दी। मूसलाधार बारिश के कारण हुए इस भूस्खलन में एक श्रमिक शिविर बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे 9 मजदूर लापता हो गए हैं, जबकि 10 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया है।
घटना का विवरण
स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के कारण हाईवे का लगभग 10 से 12 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया है। यह मार्ग चारधाम यात्रा और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए अति महत्वपूर्ण माना जाता है।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल), एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। कीचड़ और मलबे से भरे इलाके में राहत कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
स्थिति की गंभीरता
मौके से प्राप्त दृश्य और वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ढहे हुए मकान, तंबू और भारी मात्रा में मलबा सड़कों पर फैला है। लगातार बारिश के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो रही है, जिससे भविष्य में और भूस्खलन की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रशासन की चेतावनी
उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी सुरक्षित स्थान पर रुकें। स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया गया है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
सारांश
यह दुर्घटना न केवल मानवीय संकट बन चुकी है, बल्कि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को भी बुरी तरह बाधित कर चुकी है। बरसात का यह कहर पहाड़ी इलाकों में हर वर्ष जीवन को चुनौती देता है, और यह घटना इस बात की ताज़ा याद दिलाती है कि प्रकृति के आगे मनुष्य कितना असहाय हो सकता है।
प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत दलों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। लापता मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है और पूरे प्रदेश की निगाहें इस संकट के समाधान पर टिकी हैं।