
नई दिल्ली, 29 जून 2025 — ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान मची भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु और दर्जनों के घायल होने की दुखद घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना को “बेहद पीड़ादायक” करार देते हुए राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह बिना किसी विलंब के राहत कार्यों में तेजी लाए और पीड़ितों को आवश्यक चिकित्सा सहायता एवं वित्तीय मुआवजा प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मौके पर पहुंचकर जरूरतमंदों की हर संभव मदद करें।
सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा की अनदेखी नहीं चलेगी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने इस हादसे को भविष्य के लिए एक चेतावनी बताते हुए कहा कि ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की पूरी समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “जनसुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए — किसी भी तरह की लापरवाही या चूक को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने प्रशासन और आयोजकों से भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन तैयारियों और समुचित योजना पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, भीड़भाड़ वाले आयोजनों में जोखिम प्रबंधन की ठोस व्यवस्था अनिवार्य है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
घटना ने फिर खड़ा किया बड़ा सवाल
पुरी रथ यात्रा हादसे ने एक बार फिर भारत में सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा को लेकर गहन चिंता पैदा कर दी है। हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेते हैं, लेकिन इस बार की घटना ने भीड़ प्रबंधन में प्रशासनिक विफलता को उजागर कर दिया है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया न केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित रही, बल्कि उन्होंने भविष्य के लिए उत्तरदायित्व और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में स्पष्ट संदेश भी दिया। उनकी यह अपील अब राजनीतिक बहस के साथ-साथ प्रशासनिक समीक्षा की मांग को भी हवा दे रही है।