
जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड – 29 जून 2025 — विश्व व्यापार संगठन (WTO) कल से अपने छठे ‘व्यापार और पर्यावरण सप्ताह’ का शुभारंभ करने जा रहा है। यह आयोजन वैश्विक नेताओं, पर्यावरणविदों, व्यापार विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर यह समझने का अवसर प्रदान करेगा कि कैसे वैश्विक व्यापार को पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित किया जा सकता है।
इस कार्यक्रम की अगुवाई स्विस राजदूत एरविन बोलिंगर कर रहे हैं, जिन्होंने उद्घाटन संदेश में कहा कि “यह सप्ताह व्यापार को पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान का हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।” उन्होंने सभी हितधारकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
प्रमुख विषय और सत्र
सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम में कई उच्च-स्तरीय पैनल चर्चाएँ, इंटरऐक्टिव सेशन्स और तकनीकी प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:
- जलवायु अनुकूल व्यापार नीतियाँ
- हरित नवाचार (Green Innovation)
- परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy) का व्यापार में एकीकरण
- पर्यावरणीय वस्तुएँ और सेवाएँ
- जैव विविधता संरक्षण और वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं में व्यापार नियमों की भूमिका
डब्ल्यूटीओ का मानना है कि यह मंच नीति समन्वय को बढ़ावा देगा, विशेष रूप से तब जब विश्व जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।
टिकाऊ अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम
इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया भर की सरकारें और उद्योग कार्बन मुक्त और हरित अर्थव्यवस्थाओं की ओर संक्रमण की कोशिश कर रहे हैं। WTO ने जोर दिया है कि अगर व्यापार नीतियाँ सही दिशा में संचालित की जाएं, तो यह:
- स्वच्छ तकनीकों के प्रसार में सहायक
- हरित नौकरियों का सृजन
- सीमाओं के पार टिकाऊ प्रथाओं का विस्तार
जैसे कई सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
सभी के लिए खुला मंच
यह कार्यक्रम WTO के सदस्य देशों, गैर-सरकारी संगठनों, शिक्षाविदों, और निजी क्षेत्र के प्रतिभागियों के लिए खुला रहेगा। सभी सत्रों का सीधा प्रसारण ऑनलाइन किया जाएगा ताकि वैश्विक दर्शक इसमें भाग ले सकें और विचारों के आदान-प्रदान में शामिल हो सकें।
डब्ल्यूटीओ ने स्पष्ट किया है कि ‘व्यापार और पर्यावरण सप्ताह’ में उठाए गए सुझाव और चर्चाएँ भविष्य की व्यापार नीतियों और पर्यावरणीय रणनीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।