
सेविल, स्पेन – 30 जून से 3 जुलाई 2025 तक आयोजित होने वाला चौथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “विकास के लिए वित्तपोषण” (FFD4) आज के समय की सबसे जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बनकर सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस सम्मेलन को एक साधारण कूटनीतिक बैठक न मानते हुए, इसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने का निर्णायक क्षण बताया है।
आज जब दुनिया जलवायु संकट, आर्थिक असमानताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच जूझ रही है, तब मौजूदा वैश्विक वित्तीय ढांचे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करने में असफल साबित हो रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में FFD4 एक ऐसा मंच बन गया है जहाँ पुराने, अप्रभावी ढाँचों को छोड़कर समावेशी और न्यायसंगत वित्तीय व्यवस्थाओं की स्थापना की जा सकती है।
क्या है FFD4 का मुख्य उद्देश्य?
यह सम्मेलन वैश्विक वित्तीय सहयोग को मजबूत करते हुए निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहेगा:
- जलवायु वित्त तक पहुंच आसान बनाना, ताकि विकासशील देशों को हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में सहायता मिल सके।
- कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर कर्ज का बोझ कम करना, जिससे वे सामाजिक क्षेत्र में अधिक निवेश कर सकें।
- अवैध वित्तीय प्रवाह को रोकना, जिससे टैक्स चोरी और काले धन को काबू में लाया जा सके।
- स्वदेशी संसाधनों का दोहन बढ़ाना, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे में सार्वजनिक निवेश को प्रोत्साहन मिल सके।
- नवाचार आधारित वित्तीय साधनों का प्रयोग, जैसे कि सस्टेनेबिलिटी बॉन्ड्स और डिजिटल फंडिंग प्लेटफॉर्म।
राजनीतिक इच्छाशक्ति की परीक्षा
गुटेरेस के अनुसार, यह सम्मेलन वैश्विक एकजुटता की एक परीक्षा है — क्या देश आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर धरती और लोगों के लिए साझी जिम्मेदारी निभा सकते हैं? सेविल में होने वाली यह बैठक केवल तकनीकी चर्चाओं का मंच नहीं होगी, बल्कि यह तय करेगी कि क्या वैश्विक समुदाय आने वाले दशक में विकास की गति को पुनः जीवित कर सकता है।
निजी क्षेत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण
इस सम्मेलन में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी किस प्रकार सतत और समावेशी विकास को बढ़ावा दे सकती है। CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) और प्रभाव-आधारित निवेश जैसे मॉडल्स पर विशेष चर्चा होगी, जिससे सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूती मिल सके।
निष्कर्ष: क्या सेविल से निकलेगा नया रास्ता?
FFD4 सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि यह एक उम्मीद है — उस बदलाव की जो दुनिया को अधिक न्यायसंगत, हरित और टिकाऊ दिशा में ले जा सके। यदि यहां सकारात्मक और ठोस निर्णय लिए गए, तो यह सतत विकास लक्ष्यों के लिए न केवल नई ऊर्जा भर देगा, बल्कि यह भी साबित कर देगा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग आज भी एक प्रभावी शक्ति है।