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अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर खामेनेई का तीखा वार, वाशिंगटन पर ‘प्रचार की राजनीति’ का आरोप


Anoop singh

तेहरान, 29 जून 2025 — ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए एक बयान पर तीव्र प्रतिक्रिया दी है। अपने आधिकारिक फारसी भाषा वाले सोशल मीडिया अकाउंट से साझा एक पोस्ट में खामेनेई ने अमेरिका पर “तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने” और वैश्विक जनमत को “भ्रमित करने” का आरोप लगाया।

खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिस हालिया घटनाक्रम को लेकर बयान दिया, उसमें “असामान्य अतिशयोक्ति” की गई है। उन्होंने दावा किया कि यह जानबूझकर की गई एक रणनीति हो सकती है, जिससे अमेरिका अपनी विफलताओं को छिपाकर उन्हें सफलता के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है।

हालांकि उन्होंने उस विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया जिसके बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने टिप्पणी की थी, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मध्य-पूर्व क्षेत्र से संबंधित किसी संवेदनशील मुद्दे या घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया के रूप में आया है — विशेषकर ईरान और इज़राइल के बीच हालिया तनावों की पृष्ठभूमि में।

सुप्रीम लीडर ने यह भी कहा कि “जो लोग ध्यान से अमेरिकी राष्ट्रपति की बातों को सुनते हैं, वे खुद ही उनमें विरोधाभास और वास्तविकता से भटकाव को समझ सकते हैं।” उन्होंने यह संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन ने अपने किसी उद्देश्य में सफल न होने के कारण अब “शब्दों के खेल” से जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है।

यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे अविश्वास और टकराव को फिर से उजागर करता है। ईरान वर्षों से यह दावा करता रहा है कि अमेरिका वैश्विक मामलों में अपने राजनीतिक और सैन्य एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ‘प्रचार और सूचना-युद्ध’ का सहारा लेता है।

खामेनेई का यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं और अमेरिका लगातार ईरान को लेकर सख्त कूटनीतिक रुख अपनाए हुए है। ईरान का यह आरोप कि अमेरिकी बयानों के पीछे “छिपे हुए तथ्य” हैं, इस बात का संकेत है कि तेहरान अब सिर्फ कूटनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैचारिक और सूचना क्षेत्र में भी वाशिंगटन को चुनौती दे रहा है।


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