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मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन से की पहली बातचीत, फ्रांसीसी बंदियों की रिहाई और परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की अपील


30 जून, पेरिस

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से अपनी पहली आधिकारिक फोन बातचीत में मानवाधिकार, क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु पारदर्शिता को लेकर कड़े संदेश दिए। यह वार्ता दोनों देशों के बीच रिश्तों को एक नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

सबसे प्रमुख मुद्दा रहा फ्रांसीसी नागरिकों — सेसिल कोह्लर और जैक्स पेरिस — की तत्काल रिहाई, जिन्हें ईरान में संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया है। मैक्रों ने जोर देते हुए कहा कि इन नागरिकों की गिरफ्तारी फ्रांस और ईरान के रिश्तों में लंबे समय से तनाव का कारण बनी हुई है, और अब इसे समाप्त करने का समय आ गया है।

मैक्रों ने ईरान में फ्रांसीसी राजनयिक परिसरों और नागरिकों की सुरक्षा को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि इनपर किसी भी प्रकार का खतरा फ्रांस के लिए अस्वीकार्य होगा।

क्षेत्रीय संदर्भ में, मैक्रों ने ईरान से वर्तमान युद्धविराम समझौतों का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व में स्थिरता तभी संभव है जब सभी पक्ष जिम्मेदार तरीके से व्यवहार करें।”

परमाणु मुद्दों पर भी मैक्रों ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने ईरान से आग्रह किया कि वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत वार्ताओं में वापस लौटे और अपने मिसाइल एवं परमाणु कार्यक्रमों को लेकर पारदर्शिता अपनाए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ तुरंत और पूर्ण सहयोग करने की मांग भी रखी।

मैक्रों ने स्पष्ट किया, “मैं आने वाले दिनों में इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करता रहूंगा।” इससे यह संकेत मिला कि फ्रांस इस दिशा में गंभीरता से काम करना जारी रखेगा।

ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन के कार्यभार संभालने के बाद यह पहली उच्च स्तरीय कूटनीतिक पहल है, जो यह दर्शाती है कि फ्रांस अब भी ईरान के साथ संवाद और समाधान की राह पर विश्वास करता है।


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