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रोजगार वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम: केंद्र सरकार ने रोजगार-आधारित प्रोत्साहन योजना (ELI) को दी स्वीकृति


Anoop singh

नई दिल्ली, 1 जुलाई 2025 – देश में युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उद्योगों को विस्तार हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना को मंजूरी दे दी है। यह पहल रोजगार को लेकर सरकार की दीर्घकालिक सोच और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

योजना की मूल भावना और बजट

इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का विशाल बजट निर्धारित किया गया है। इसका लक्ष्य है 3.5 करोड़ से अधिक नई नौकरियों का निर्माण करना। योजना का मुख्य उद्देश्य उन नियोक्ताओं को आर्थिक सहायता देना है जो नए कर्मचारियों की नियुक्ति करते हैं।

किसे होगा लाभ?

यह योजना दो प्रमुख वर्गों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से बनाई गई है:

1. नियोक्ता/उद्योग जगत:

वे कंपनियाँ जो नई भर्तियाँ करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। विशेष रूप से MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र इससे लाभान्वित होगा, जो रोजगार निर्माण का प्रमुख स्रोत है।

2. युवा उम्मीदवार:

जो युवा पहली बार नौकरी की दुनिया में कदम रख रहे हैं, उनके लिए यह योजना सुनहरा अवसर लेकर आई है। यह स्कीम उन युवाओं के लिए रोज़गार के रास्ते खोलेगी, जो अभी तक कार्यबल का हिस्सा नहीं थे।

औपचारिक और सुरक्षित रोजगार की ओर

ELI योजना सिर्फ नौकरियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका जोर गुणवत्तापूर्ण और संरक्षित रोजगार देने पर भी है। इसका मतलब है कि नियुक्त कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभ – ईपीएफ, ईएसआई आदि – मिल सकेंगे। यह भारत में औपचारिक रोजगार की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

बहु-क्षेत्रीय लाभ

यह योजना केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। इसका प्रभाव विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, खुदरा, स्वास्थ्य, तकनीक जैसे कई उद्योगों पर पड़ेगा, जिससे समग्र रूप से देश की अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

‘विकसित भारत’ के संकल्प की ओर एक और कदम

ELI योजना प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” विज़न के अनुरूप है, जिसमें युवाओं को सशक्त बनाना, औद्योगिक विकास को गति देना और आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करना शामिल है। जब लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, तो उनकी क्रय-शक्ति बढ़ेगी, जिससे देश के भीतर उपभोग और उत्पादन दोनों में वृद्धि होगी।


निष्कर्ष:

एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव योजना न केवल रोजगार सृजन की दिशा में एक निर्णायक कदम है, बल्कि यह उस सोच को भी दर्शाती है जिसमें सरकार युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार मानती है। यदि इसे सही ढंग से लागू किया जाए, तो यह स्कीम भारत के रोजगार परिदृश्य में एक ऐतिहासिक परिवर्तन ला सकती है।


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