
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025 — भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। आयोग ने सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे शिकायतें करने के बजाय बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की नियुक्ति में तत्परता दिखाएं और निर्वाचन प्रक्रिया को मज़बूत बनाएं।
ECI के अनुसार, यह पुनरीक्षण कार्य 24 जून 2025 से विधिवत प्रारंभ हुआ है और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। आयोग ने उन तमाम भ्रांतियों और अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है जो इस प्रक्रिया को लेकर फैलाई जा रही हैं।
इस विशेष अभियान में करीब एक लाख से अधिक प्रशिक्षित बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और इतनी ही संख्या में स्वेच्छा से जुड़ने वाले स्वयंसेवकों को नियुक्त किया गया है। इसका संचालन प्रदेश स्तर पर 243 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 38 जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों, 9 मंडलीय आयुक्तों और बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में किया जा रहा है।
हालांकि कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अब तक लगभग डेढ़ लाख BLAs की तैनाती कर चुके हैं, फिर भी आयोग ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि अभी भी अधिक एजेंटों की नियुक्ति की गुंजाइश बनी हुई है।
ECI से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“यह समय है सक्रिय होने का, न कि केवल आलोचना या संदेह करने का। राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे बूथ स्तर पर अपनी मौजूदगी को और सशक्त करें।”
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने प्रस्तावित बहुदलीय बैठक को स्थगित कर दिया है, जो 2 जुलाई की शाम 5 बजे निर्धारित थी। आयोग ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कई प्रमुख दलों ने अभी तक बैठक में भागीदारी की पुष्टि नहीं की थी। यह बैठक कांग्रेस पार्टी की कानूनी टीम द्वारा 30 जून को भेजे गए ईमेल अनुरोध के आधार पर तय की गई थी, जिसमें उन्होंने कई दलों की ओर से एक संयुक्त वकील को प्रतिनिधित्व के लिए नियुक्त करने का आग्रह किया था।
निष्कर्षतः, ECI का यह स्पष्ट संदेश है कि लोकतंत्र को मज़बूती देने के लिए राजनीतिक दलों की जमीनी सक्रियता अनिवार्य है — और BLAs की नियुक्ति इसी दिशा में एक आवश्यक कदम है।