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जापान को ट्रंप की चेतावनी: ‘बिगड़े’ व्यापार संबंधों पर संकट, अमेरिका लगा सकता है भारी शुल्क


Anoop singh

वॉशिंगटन डीसी, 2 जुलाई 2025 — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान के साथ व्यापार समझौते को लेकर गंभीर संदेह जताया है और साथ ही चेतावनी दी है कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई, तो जापानी वस्तुओं पर अमेरिका भारी आयात शुल्क लगा सकता है। उन्होंने जापान को “बिगड़ा हुआ” करार देते हुए कहा कि देश दशकों से अमेरिका को व्यापार में नुकसान पहुँचा रहा है।

ट्रंप ने मंगलवार को एयर फ़ोर्स वन में संवाददाताओं से कहा, “हमने जापान से निपटा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम कोई समझौता कर पाएंगे। वे और कई अन्य देश इतने बिगड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने हमें 30-40 वर्षों तक लूटा है, इसलिए अब उनके लिए ईमानदारी से सौदा करना कठिन हो गया है।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब 9 जुलाई को ट्रंप द्वारा लगाए गए “पारस्परिक शुल्क” (Reciprocal Tariffs) पर 90-दिन की छूट समाप्त होने जा रही है। इस छूट के समाप्त होते ही जापान और अन्य व्यापार साझेदार अमेरिका को खुश करने के प्रयास में नई व्यापार शर्तों को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 2 अप्रैल को अमेरिका ने जापानी वस्तुओं पर 24% शुल्क लगा दिया था, जिसे तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। अब इस छूट की अवधि समाप्त होने पर, ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इसे आगे नहीं बढ़ाने वाले।

ट्रंप ने कहा, “मैं अब किसी छूट के बारे में नहीं सोच रहा। कुछ देशों से तो हम व्यापार करने की अनुमति भी नहीं देंगे। लेकिन बाकी देशों के लिए हम शुल्क दर निर्धारित करेंगे।”

इस बीच, जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया वॉशिंगटन में क्वाड देशों (अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की बैठक के लिए पहुंचे हैं। जापान के व्यापार वार्ताकार रयोसी अकाजावा भी एक सप्ताह के अंदर सातवीं बार वॉशिंगटन पहुंचे थे, जिससे दोनों देशों के बीच मुद्दे की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि जापान अमेरिका से चावल नहीं खरीदता। हालांकि, यह दावा तथ्यों से परे है। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में जापान ने अमेरिका से 298 मिलियन डॉलर का चावल खरीदा था। इस साल के पहले चार महीनों में ही जापान ने 114 मिलियन डॉलर का चावल आयात किया है।

फिर भी ट्रंप अपने दावे पर कायम हैं। उन्होंने मंगलवार को दोहराया, “उन्हें चावल की जरूरत है, लेकिन वे नहीं लेते।”

जापान, अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार ही नहीं, बल्कि पूर्वी एशिया में एक रणनीतिक सुरक्षा सहयोगी भी है। हालांकि, ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीति और शुल्कों की धमकी ने इस संबंध को तनावपूर्ण बना दिया है।

अब सबकी निगाहें 9 जुलाई पर टिकी हैं—क्या जापान अमेरिका के साथ कोई समझौता कर पाएगा, या फिर दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और तेज़ होगा?


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