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🏏 शुभमन गिल की ऐतिहासिक डबल सेंचुरी पर भारतीय क्रिकेट जगत में खुशी की लहर


Anoop singh

नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025:
भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन, बर्मिंघम में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन अपनी पहली दोहरी शतकीय पारी खेलकर क्रिकेट प्रेमियों और दिग्गजों को रोमांचित कर दिया। उनकी इस शानदार पारी ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

गिल ने पहले दिन 114 रन बनाकर नाबाद रहते हुए दूसरे दिन भी अपने लय को कायम रखा और इंग्लैंड की गेंदबाजी इकाई की नाक में दम कर दिया। अनुभवी गेंदबाजों जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की गैरमौजूदगी में गिल ने इंग्लिश गेंदबाजों पर आक्रामक अंदाज में प्रहार किया। अंततः उन्होंने जोश टंग की गेंद पर एक रन लेकर अपनी पहली डबल सेंचुरी पूरी की।

गिल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद मैदान पर मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। कई पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से गिल की प्रशंसा की। उनके मेंटर और पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“शानदार खेल @ShubmanGill! इतने बड़े मंच पर इतनी सहजता से डबल सेंचुरी बनाना वास्तव में अद्भुत है। जब इरादा स्पष्ट हो तो कोई भी खिलाड़ी अजेय बन सकता है।”

इस उपलब्धि के साथ शुभमन गिल भारत के उन गिने-चुने खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ा है। इससे पहले यह कारनामा सिर्फ राहुल द्रविड़ (217 रन, 2002 में) और सुनील गावस्कर (221 रन, 1979 में) ने किया था।

महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने भी गिल की तारीफ करते हुए लिखा,
“गिल और जडेजा ने आज जो इरादा और प्रतिबद्धता दिखाई वह काबिले तारीफ है। भारत के सबसे युवा टेस्ट कप्तान के रूप में यह प्रदर्शन प्रेरणादायक है।”

गिल ने न केवल अपनी डबल सेंचुरी पूरी की, बल्कि इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ बतौर भारतीय कप्तान दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया। उन्होंने पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन के 1990 में ओल्ड ट्रैफर्ड पर बनाए गए 179 रन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

गिल की यह पारी न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से शानदार थी, बल्कि उनके आत्मविश्वास, धैर्य और आक्रामकता का मिश्रण भी दर्शाती है। डबल सेंचुरी के बाद लगातार बाउंड्री मारते हुए उन्होंने सुनील गावस्कर के 221 रनों के रिकॉर्ड को भी पार कर दिया और इंग्लैंड में भारत की ओर से सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए।

🔹 निष्कर्ष:
शुभमन गिल की यह ऐतिहासिक पारी सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी के आत्मविश्वास और क्षमता का प्रतीक है। उनके इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत का भविष्य क्रिकेट में सुरक्षित हाथों में है।


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