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ताइवान के चारों ओर चीनी सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी: एशिया-प्रशांत में बढ़ता तनाव


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6 जुलाई 2025, ताइपे:
ताइवान और चीन के बीच भौगोलिक दूरी भले ही छोटी हो, लेकिन राजनीतिक और सैन्य रूप से यह खाई लगातार गहराती जा रही है। हाल के दिनों में ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा रिपोर्ट की गई चीनी सैन्य गतिविधियों ने न केवल द्वीप की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है, बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 6 जुलाई की सुबह तक उसके आसपास 9 चीनी नौसैनिक युद्धपोत और 1 सरकारी पोत देखे गए। खास बात यह रही कि इस बार किसी चीन के सैन्य विमान (PLA Aircraft) की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई, जो सामान्य रूप से रोज़मर्रा की गश्ती गतिविधियों का हिस्सा होते हैं।

पिछले 24 घंटे अधिक तनावपूर्ण

इससे एक दिन पहले, यानी 5 जुलाई को, स्थिति कहीं अधिक तनावपूर्ण रही। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 18 चीनी सैन्य विमान, 11 नौसैनिक जहाज, और 1 सरकारी पोत ताइवान के आसपास देखे गए थे। इन विमानों में से 12 ने ताइवान जलडमरूमध्य की ‘मिडियन लाइन’ पार करते हुए उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ (एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन) में प्रवेश किया।

ताइवान के अधिकारियों ने तुरंत स्थिति की निगरानी करते हुए, कूटनीतिक स्तर पर इसका विरोध किया और उचित सामरिक प्रतिक्रिया दी।


क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?

चीन द्वारा ताइवान के चारों ओर की गई ऐसी सैन्य गतिविधियाँ, अक्सर क्षेत्रीय दबाव बनाने, डर पैदा करने और संभावित भविष्य की कार्रवाई के संकेत के रूप में देखी जाती हैं। यह केवल ताइवान की चिंता नहीं है, बल्कि जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य लोकतांत्रिक साझेदारों के लिए भी यह रणनीतिक चिंता का विषय बन चुका है।

ताइवान की सरकार का कहना है कि यह केवल सैन्य चुनौती नहीं, बल्कि लोकतंत्र बनाम अधिनायकवाद की वैश्विक लड़ाई का प्रतीक है। वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार अपील कर रहा है कि वे इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ न करें।


निष्कर्ष

ताइवान के चारों ओर चीनी सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी अब केवल क्षेत्रीय मामला नहीं रह गया है। यह एक वैश्विक रणनीतिक असंतुलन का संकेत है, जो भविष्य में अधिक गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में ज़रूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय समय रहते इस विषय पर सामूहिक रणनीति बनाए और ताइवान के लोकतांत्रिक अस्तित्व की रक्षा करे।


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